अंतरिक्ष में बसने जा रहा है एक देश, दो लाख लोग ले चुके हैं नागरिकता

विज्ञानं

“आपने ये अक्सर हॉलीवुड फिल्मों के देखी होगी की अंतरिक्ष में बना एक अंतरिक्ष स्टेशन में लोग आराम से रहते हैं और उस अंतरिक्ष स्टेशन में तमाम सुविधाएं उपलब्ध होती है”

लेकिन अब वह दिन दूर नहीं जब हॉलीवुड की फिल्मों में दिखाई जाने वाली अंतरिक्ष स्टेशन जहां कई सारे लोग रहते हैं, वास्तविकता का रूप लेने वाला है। आपको शायद यह, बात मजाक लगी लेकिन सच तो यह है, कि धरती से ऊपर अंतरिक्ष में एक नए देश की बुनियाद रखी जा रही है। मध्य एशियाई देश अज़रबैजान के अरबपति इगोर रावफॉविच ने धरती से ऊपर अंतरिक्ष में एक नए देश की परिकल्पना की है। सबसे बड़े आश्चर्य की बात तो यह है जो आपको हैरत में डाल देगी कि इस देश का नाम भी तय हो गया है। और दो लाख 46 हजार लोगों ने इस देश की नागरिकता ग्रहण कर ली है। इस अंतरिक्ष में बसे नए देश का संविधान भी लिखा जा चुका है और संसद भी बन चुकी है।

अंतरिक्ष में बसे इस नए देश का नाम “अस्गार्डिया” रखा गया है। वजन में कुल 2.7 किलो और आकार में डबे जैसा उपग्रह नवंबर 2017 से धरती के ऊपर अंतरिक्ष में चक्कर लगा रहा है।

यह केवल उस परिकल्पना का एक प्रोटोटाइप है। अरबपति इगोर इसे वास्तविकता का रूप देने वाले है। उन्होंने यह कल्पना की है की एक दिन वह धरती से एक यान अंतरिक्ष में उड़ाएंगे जो धरती के नियम कायदों से बिल्कुल अलग होगा और वह अलग नियम कानून यहां तक कि संविधान भी अलग होगा। अंतरिक्ष में एक देश की तरह होगा। खैर फिलहाल तो इस पर अभी भी कार्य चल रहा है।

धरती का रक्षा कवच का काम करेगा

यदि इस पृथ्वी को अंतरिक्ष से होने वाले खतरों से बचाएगा। मिसाल के तौर पर कॉस्मिक किरणों के खतरे, पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाले धूमकेतु की टक्कर या अंतरिक्ष के कचरे के रूप में मौजूद नष्ट हुए सेटेलाइट और रॉकेट के टुकड़ों से पृथ्वी को बचाने में मददगार सिद्ध होगा।

एक अलग देश अंतरिक्ष में विचार देने वाले वैज्ञानिकों के दल ने इस देश की नागरिकता देने के लिए एक वेबसाइट भी लॉन्च की है। उनके मुताबिक दुनिया का कोई भी शख्स इस देश की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है। अगर आप कुछ देश की नागरिकता चाहिए तो आप आसानी से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। यह ठीक उसी तरह है जिस ताकि आप किसी सोशल मीडिया साइट पर अपना अकाउंट खोलते हैं।

इस नए देश अस्गार्डिया की नागरिकता के लिए इसकी वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। इसके लिए asgardia.space/citizenship पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं। सबसे पहले रजिस्टर करने वाले 100000 लोगों को ही इसकी नागरिकता दी जाएगी।

राष्ट्रगान और ध्वज बनाने की प्रतियोगिता

इस देश के अस्तित्व में आने के बाद पहले से इसके राष्ट्रगान और ध्वज बनाने के लिए लोगों से राय मांगी जा रही है। वैज्ञानिक कौन है इसके साइट पर बकायदा एक कंटेंट दिया है अगर आप भी इस देश के राष्ट्रगान या फिर राष्ट्रीय ध्वज का सुझाव देना चाहते हैं तो आप asgardia.space/contest/flag मैं जा कर दे सकते हैं.

इसके बारे में क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून

अंतरिक्ष या अन्य खगोलीय पिंडो पर किसको कितना अधिकार मिलेगा इसके लिए साल 1967 में दुनिया के कई बड़े देशों के बीच आउटर स्पेस ट्रेसी नाम से एक अंतरराष्ट्रीय समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत अंतरिक्ष में मौजूद पिंड जैसे चंद्रमा, अन्य ग्रह, अन्य खगोलीय पिंडों पर दुनिया के सभी देशों का समान हक है। कोई देश चांद या किसी अन्य खगोलीय पिंड के किसी भी हिस्से पर अपना अधिकार नहीं बता सकता। हालांकि इस कानून को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया। संधि के बावजूद कई देशों ने इसका उल्लंघन किया है।

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