अब स्कूलों में “रोबोट “पढ़ाएंगे बच्चों को।

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चीन जापान और सिंगापुर रोबोट बच्चों को पढ़ा रहा है और यूरोप में अगले 10 साल में क्लास रूम में टीचर की जगह रोबोट होंगे अब भारत में भी इसका आगाज हो चुका है देश की IIT कानपुर इंजीनियरिंग कॉलेज तकनीकी फेस्टिवल कृति बेंगलुरु के कंपनी नैनो नाम का एक ऐसा रोबोट पेश किया हैजो पूरी तरह से इंसानी हरकत पर क्या अलावा क्लास में बैठे बच्चों को सवाल जवाब दे सकता है।

कंपनी के दीक्षित कुमार के अनुसार इस रोबोट को वे लोग ढाई साल से बना रहे हैं 49.6 मीटर लंबाई और रोबोट पढ़ाई के काम में इस्तेमाल किया जाएगा इंसान की दया मशीन बैठने उठने चलने पीछे मुड़ने ट्रांस जैसे काम कर सकती है इसे स्मार्टफोन में ऐप की सहायता से कंट्रोल किया जा सकता है या रोबोट वॉइस रिकग्निशन पर भी काम करता है वॉइस के अलावा या रोबोट किसी का फोटो देखकर उसका नाम भी बता सकता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे काम करने वाला रोबो में सेंसर भी लगा हुआ है कोई इसके सिर पर हाथ रखेगा तो वह उसे ठोकेगा भविष्य में इस में हंसने और निराश होने जैसे फीचर्स भी जोड़े जाएंगे।

यह सर्च इंजन का भी करेगा प्रयोग मतलब जिस तरह हम लोग Google में किसी चीज को खोजते हैं ठीक उसी तर क्लाउड में स्टोर किए गए डेटा और सर्च इंजन की मदद से यादव बहुत स्कूल में बच्चों के सवालों का जवाब भी देने में सक्षम है गणित और विज्ञान के सवाल के जवाब या फटा-फट देगा हर सवाल को यह अपनी मेमोरी में स्टोर कर लेगा फिलहाल देश में 12 जगह पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है मुजफ्फरनगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पिछले 1 महीने से इसका प्रयोग हो रहा है टीचरों के सहायक के तौर पर इस रोबोट को पसंद किया जा रहा है।

ऐसे में यह तो साफ-साफ है कि आने वाले कुछ सालों में यह रोबोट टीचरों की जगह लेने के काबिल बन जाएगा।