अरबों तारे होने पर भी अन्तरिक्ष कला क्यों है?

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कई बार आसमान की तरफ आप देखते हुये आप के मन मे भी ये सवाल तो जरूर आया होगा कि अरबों तारे होने के बावजूद हमारा अन्तरिक्ष कला क्यूँ है?

जैसे कि हैम जानते है हमारी पृथ्वी के ऊपर वायुमंडल मौजूद है। ये वायुमंडल कई प्रकार के गैस धूल कण और जल वाष्प से मिलके बना है।

सूर्ये से निकलने वाली किरणे सात रंगों के मिश्रण से बनी होती है। जिसे आसानी से याद रखने के लिए

VIBGYOR के नाम से बुलाते है।

V- वियोलॉट (बैगनी)

I- इंडिगो (आसमानी)

B- ब्लू (नीला)

G- ग्रीन (हरा)

Y- येलो (पीला)

O- ऑरेंज (नारंगी)

R- रेड(लाल)

सूर्य की किरणें जब वायुमंडल से टकराती है तो इन साथ रंगों में विभाजित हो जाती है। इन सात रंगों में से नीला रंग का सब से ज्यादा प्रसकरण होता है। ये रेले सकैटरिंग इफ़ेक्ट के कारण होता है। जिनके कारण आसमान नीला देखता है।

अब आपके मन मे ये सवाल तो जरूर आ रहा होगा कि तब अंतरिक्ष कला क्यों दिखाई देता है। दोस्तों इसका जवाब भी आप आसानी से दे सकते है। क्योंकि अंतरिक्ष मे किसी प्रकार का वायुमंडल नही होता, जिसके चलते किसी भी प्रकार का रिफ्लेक्शन नही होता है प्रकाश का। इस कारण से हमे अंतरिक्ष कला दिखाई देता है।