अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 11 दिन भी लोकसभा का सदन स्थगित

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 नई दिल्ली लोकसभा में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने सहित विभिन्न मुद्दों पर सदस्यों के हंगामे के कारण लगातार 11 दिन सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित किए जाने की वजह से केंद्र सरकार के खिलाफ वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी के अविश्वास प्रस्ताव को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सके।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि सदन में व्यवस्था नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता सदन में मौजूद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है और सभी दल इस पर सहयोग करें।

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने और आंध्र प्रदेश पूर्ण गठन कानून के प्रावधान को पूरी तरह से लागू किए जाने की मांग को लेकर तेलुगू देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरूआत से ही संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं इस मुद्दे को लेकर पहले तेलुगू देशम पार्टी ने मोदी सरकार में अपने कोटे के दो मंत्रियों का इस्तीफा दिलवाया और उसके कुछ दिनों बाद ही राष्ट्रीय राजनीतिक गठबंधन से अलग हो गए वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया था।

वहीं राजनाथ सिंह  संसद की कार्यवाही बाधित होने और विश्वास प्रस्ताव के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा “हम नियमों के तहत हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं आंखें संसद चर्चा के लिए ही है यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद की कार्यवाही नहीं चल पा रही है मोदी सरकार के 4 साल के कार्यकाल में पहली बार है जब विपक्ष दल अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर राज्य से अलग हुई टीडीपी के लोकसभा में 16 सांसद है जबकि वाईएसआर कांग्रेस के नौ संसद है ,”। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि सरकार चाहती है कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है तेलंगाना में आरक्षण की मांग को लेकर टीआरएस सांसदों ने भी संसद भवन में परिसर विरोध प्रदर्शन किया और” एक देश एक कानून” की मांग की।