आने वाले भविष्य में मनुष्य कैसा दिखेगा

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 यह सवाल बहुत ही ज्यादा अपने आप में मायने रखता है । क्योंकि आने वाले भविष्य में मनुष्य कैसे दिखेगा यह इस बात पर भी निर्भर करता है, कि कि हम कितने आगे की बात कर रहे हैं। नेशनल ज्योग्राफिक की पत्रिका में छपे इस फोटो में 50 साल बाद की औसत अमेरिकी महिला की छवि तैयार की गई है।

आने वाले 100 वर्षों में मनुष्य के चेहरे नाक नक्शा और शारीरिक ढांचे मैं कई बदलाव आने की संभावना है। ऐसा इसलिए भी है ,क्योंकि मनुष्य विकास के क्रम में आगे की ओर बढ़ रहा है। अगर हम विकास के सिद्धांत को देखते हैं तो ऐसे कई उदाहरण हमें देखने को मिल जाएंगे। पहले इंसान जब वानर से मनुष्य में परिवर्तित होने के क्रम में था। तब उसके पूँछ हुआ करती थी। लेकिन जैसे जैसे वह विकास के क्रम में आगे बढ़ता चला गया वैसे वैसे उसकी पूछ भी गायब होती चली गई। वही विज्ञानिक यह भी मानते हैं की वह सारे जिनका उपयोग मनुष्य ने करना छोड़ दिया वह या तो निष्क्रिय हो गए हैं, या फिर वर्तमान मनुष्य में हमेशा के लिए गायब हो गए हैं।

नेशनल जियोग्राफी की पत्रिका में छपे इस तस्वीर ने  फिर एक विवाद खड़ा कर दिया है कि आने वाले भविष्य में मनुष्य किस तरह दिखाई देगा। क्या मनुष्य का दिमाग अत्यधिक इस्तेमाल करने से उसके माथा और चौड़ी हो जाएगी ,या कान का उपयोग नहीं करने से हमारे कान हमेशा के लिए गायब हो जाएंगे ।ऐसे ही सवाल विज्ञानिकों को परेशान किए हुए हैं?

आने वाले भविष्य में मनुष्य के रूप रेखा और शारीरिक ढांचा एकदम अलग होगी ,क्योंकि जैसे जैसे इंसान तकनीक का इस्तेमाल ज्यादा करेगा वैसे वैसे वह अपना अंगों का इस्तेमाल भी काम करने लगेगा। यह बात तो साफ़ है कि आने वाले भविष्य में मनुष्य की रूपरेखा एकदम अलग होगी और विज्ञानिक भी इस का दावा करते हैं।

आने वाले अगले 100 वर्षों में मनुष्य के चेहरे मोहरे में आने वाले सबसे बड़े बदलाव यह होगा कि अधिकांश फीचर्स फ्लैट हो जाएंगे । लोगों की त्वचा और आंख का रंग बहुत फ्लाइट हो जाएगा । अधिकांश लोग हल्के भूरे रंग के हो जाएंगे, और उनमें पूरी दुनिया के लोगों के फीचर्स देखे जा सकेंगे शुरुआत में आने वाले 100 वर्षों में लोग अपने स्थानीय फीचर्स को संजो कर रखने में सक्षम होंगे। मतलब अगर हम एशिया में रहते हैं तो हम एशियन जैसे ही लगेंगे पर हमारी त्वचा का रंग कुछ हद तक बदल जाएगा।

अगर हम आने वाले कुछ और 200 -500 साल की बात करें ,तो मुझे लगता है कि आने वाले 200 -500 साल के बाद भविष्य की पीढ़ियां पूरी तरह से फ्लैट हो जाएगी मनुष्य के रूप रंग पर हमारे प्रकृति पर्यावरण का प्रभाव उतना अधिक देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि बहुत ही ज्यादा तकनीकी विकास होने पर बहुत दूर की यात्रा बहुत तेज और सरल से हो जाएगी। ऐसे तो हम सभी यह जानते ही हैं के विकास के सिद्धांत के अनुसार हमारे अंदर कई तरह के बदलाव आए हैं।

विकास के आधार पर हम में कई परिवर्तन आएंगे लेकिन वह विलक्षण नहीं होंगे हाल ही में नवजात शिशु में एक परिवर्तन देखने में आने लगा है उनमें अक्ल दांत यानी wisdom teeth नहीं आ रही है अधिकांश इश्क बिना अकल दान के पैदा हो रहे हैं और दांतो के डॉक्टर का मानना है कि ऐसा विकासवाद के कारण हो रहा है । हमें भविष्य में इस जैसे और कई परिवर्तन देखने को मिलेंगे और यह परिवर्तन क्या-क्या होंगे । यह अनुमान लगाना बहुत ही कठिन है ,क्योंकि वह हमारे सजनी प्रवृत्ति और टेक्नोलॉजी पर निर्भर  करता है।

मनुष्य में दिखने वाले अधिकांश परिवर्तन प्राकृतिक कारणों से होंगी यह हो सकता है, कि भविष्य में बहुत अधिक तकनीकी विकास होने के कारण DNA में परिवर्तन करना बहुत सरल हो जाए जिससे ह अपने फीचर्स जैसे आंख यह त्वचा के रंग को मनचाहे तरीके से बदलने में सफलता मिल जाए कुछ सौ वर्षों के भीतर प्रकृति और अनुवांशिक विकास गौण हो जाएंगे क्योंकि तकनीकी हर काम करने में सक्षम होगी।

हालांकि हमारे पास अभी इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन हम मान सकते हैं कि हमारे मस्तिष्क गणित जैसे अमूर्त प्रक्रियाओं को करने में और अधिक सक्षम हो जाएंगे और हम पैतृक प्रवृतियों से मुक्त हो जाएंगे हजारों वर्षों तक हम अंधकार में भयभीत होते रहे और हम अपनी प्रजाति को संरक्षित बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा लेकिन भविष्य के मनुष्य को यह सब नहीं करना पड़ेगा।

Image credit to National Geography