इंटरनेट कैसे काम करता है? इसके बारे में दिलचस्प बातें

विज्ञानं होम

आज के युग में इंटरनेट हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है. आज हम इंटरनेट के बिना कुछ भी काम नहीं कर सकते हैं.चाहे हम WhatsApp या Facebook या फिर ऑनलाइन वीडियो देखते हो तो आज हम लोग जानेंगे इंटरनेट के बारे में दिलचस्प बातें.

इंटरनेट क्या है?

ऐसे हमें इंटरनेट का इस्तेमाल अपनी जिंदगी में एक ना एक बार तो जरूर किया होगा. अगर आपके पास जियो का सिम है तो आप भी जरूर इंटरनेट से जुड़े हुए होंगे या फिर Facebook या WhatsApp पर चलाते ही होंगे. Internet को international network of computer के नाम से भी जाना जाता है। अगर हम इसे सरल भाषा में समझाने का प्रयास करें तो दो या दो से अधिक कंप्यूटर के बीच के कनेक्शन को हम लोग इंटरनेट क्या सकते हैं। इंटरनेट की शुरुआत 1969 में हुई थी जब इंसान ने पहली बार चंद्रमा पर कदम रखा था। उसी दौरान यूएस के रक्षा कार्यालय ने Advance Research Project Agency (ARPA) को नियुक्त किया गया था . उस वक्त चार कंप्यूटर का नेटवर्क बनाया गया था .जिसमें उन्होंने डाटा एक्सचेंज और शेयर किया था, बाद में इसे कई एजेंसी के साथ जोड़ा गया धीरे-धीरे या नेटवर्क बढ़ता गया और बाद में यह आम लोगों के लिए ओपन हो गया इंटरनेट की सबसे अच्छी बात है कि इंटरनेट किसी भी एजेंसी का कंट्रोल नहीं है.

भारत में पहली बार 15 अगस्त 1995 को सरकारी कंपनी BSNL इंटरनेट की शुरुआत की थी इसे के बाद धीरे-धीरे प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर जैसे Airtel रिलायंस इंडिया और अन्य टेलीकॉम कंपनी ने इंटरनेट को स्टार्ट किया था.

इंटरनेट एक दूसरे कंप्यूटर को कैसे जोड़ता है?

इंटरनेट एक दूसरे से जुड़े कई कंप्यूटरों का जाल है ,जो राउटर एवं सरवर के माध्यम से दुनिया के किसी भी कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है ,अगर हम सरल शब्दों में कहे तो इंटरनेट वह तरीका है जिसके द्वारा वह सूचनाओं का आदान एवं प्रदान करता है. इसके लिए TCP/IP protocol के जरिया यह दो कंप्यूटर के बीच संबंध स्थापित करता है जिसे हम लोग इंटरनेट कहते हैं।यह विश्व का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

इंटरनेट की खोज के पीछे का राज?

इंटरनेट की खोज के पीछे आपके सकते हैं कई लोगों का हाथ है किसी व्यक्तिगत व्यक्ति द्वारा इसका विकास या फिर इसका अविष्कार नहीं किया गया। लेकिन फिर भी Leonard Kleinrock को इस का जन्मदाता कहा जाता है क्योंकि इंटरनेट बनाने की योजना 1962 में J.C.R Licklider, Robert Taylor के मदद से Leonard kleinrock ने बनाया था। जिसका नाम  “a r p a n e t” रखा गया। 1974 में इसे व्यवसाय के रूप में उपयोग करना शुरू किया गया, और किसका नाम “TELNET” हो गया।

इंटरनेट कैसे चलता है?

इंटरनेट कैसे काम करता है

आपने उसके बारे में कभी ना कभी तो जरूर सोचा होगा कि भला इंटरनेट कैसे चलता होगा। आप में से बहुत से लोग यह सोचते होंगे कि आसमान पर ऊपर कोई बादल है जिसके अंदर इंटरनेट के सारा डाटा स्टोर रहता है और वहीं से इंटरनेट चलता होगा लेकिन आप गलत हैं। या अगर आप यह सोच रहे हैं इंटरनेट हमारे द्वारा छोडेंगे सेटेलाइट उपग्रह से चल रहे होंगे तो भी आप गलत है। क्योंकि पुरानी तकनीक मैं इंटरनेट का इस्तेमाल सेटेलाइट के सिग्नल द्वारा प्राप्त करके किया जाता था लेकिन इससे इंटरनेट की स्पीड बहुत ही कम हो जाया करती थी अब इस तकनीक को भुला दिया गया है।

हमारे इंजीनियर द्वारा इंटरनेट की स्पीड को बढ़ाने के लिए आजकल ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल किया जा रहा है जो पहले की तुलना में इंटरनेट स्पीड को कई गुना तक बढ़ा देती है।

यह ऑप्टिकल फाइबर समुद्र की गहराई में पूरी दुनिया में बिछाई गई है। जिसकी लंबाई 800000 किलोमीटर से भी ज्यादा है और समुद्र में बिछाई गई इन ऑप्टिकल फाइबर से ही हमारा इंटरनेट चलता है। ऑप्टिकल फाइबर को समुद्र में इसलिए बिठाया जाता है क्योंकि इसमें कम नुकसान और लागत भी कम आती है।

लेकिन कभी कबार यह भी देखा गया है कि समुद्री जहाजों द्वारा उनके लंगर से ऑप्टिकल फाइबर को नुकसान पहुंचा है। साल 2008 मैं मिस्र में एक ऐसे ही घटना घटी थी जिसमें एक समुद्री जहाज द्वारा ऑप्टिकल फाइबर को भारी नुकसान पहुंचा था जिससे इजिप्ट की 70 फ़ीसदी इंटरनेट सेवा बंद हो गई थी। ऑप्टिकल फाइबर को इस तरह की हानि न पहुंचे इसके लिए एक टीम बनाई गई है जो 24 घंटे समुद्र में ऑप्टिकल फाइबर के निगरानी करती है यदि किसी ऑप्टिकल फाइबर केबल में नुकसान होता है तो यतीम उसको जल्दी से जल्दी ठीक कर देती है। इससे आपको यह अंदाजा तो हो ही गया होगा के 90% इंटरनेट केबल के जरिए चलता है लेकिन 10% कहां से चलता है यह 10% इंटरनेट खुफिया एजेंसी के द्वारा एक्सेस किया जाता है जो कि उपग्रह से चलता है और इस 10% इंटरनेट सेवा आम मनुष्य क्या कहें आम आदमियों द्वारा एक्सेस नहीं किया जा सकता। इन्हें केवल सरकारी एजेंसियां या कह खुफिया एजेंसियां ही एक्सेस करती है।

इन्हें भी जरूर पढ़े

इंटरनेट कैसे काम करता है?

हम लोग हर रोज इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं चाहे वह बैंकिंग फैसिलिटी हो या फिर WhatsApp या Facebook पर चैटिंग इन सारे कामों में हम लोग इंटरनेट का इस्तेमाल किसी ना किसी तरीके से कर रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है इंटरनेट कैसे काम करता है इसे समझने के लिए हमें इसके तीन हिस्से करते हैं पहला होता सर्वर जिसमें दुनिया की सभी जानकारियां जमा होती है। दूसरा है इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर इसे हम लोग कैसे समझ सकते हैं माना आप अपना WhatsApp या Facebook जियो या फिर Airtel के सिम से चलाते हैं तो एयरटेल और जियो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर हुए। जो हमें सरवर से जानकारियां भेजती है तीसरा हमारे कंप्यूटर या मोबाइल का ब्राउज़र जिससे हम इन जानकारियों को खोज सकते हैं या सर्च कर सकते हैं।

जब हम किसी जानकारी को इमेज या वीडियो या लेख के रूप में अपने ब्राउज़र में खोजते हैं तो यह रिक्वेस्ट सबसे पहले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के पास जाती है यह नेट प्रोवाइडर सर्वर पर सर्च करता है इसके बाद सरवर उस जानकारी को इंटरनेट पर प्रोवाइड करती है यानी भेजती है और इसी तरह हम इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।