इन तरीकों से आप बढ़ा सकते हैं अपनी दिमागी क्षमता

घरेलू नुस्खे विज्ञानं

अक्सर देखा जाता है कि इंसान अपने व्यस्त जीवन शैली के कारण छोटी-छोटी बातों को भूल जाता है। आपके साथ में भी ऐसा हुआ होगा। जब आपको कोई शब्द या साधारण सा वाक्य याद नहीं होगा। लेकिन वह वाक्य आपके मानसिक पटल पर होगी। परंतु आपके जुबान पर नहीं।

देखे तो आज दुनिया भर में कई ऐसे आविष्कार और दवाइयां बनाई जा चुकी है जो इस बात का दावा करते हैं कि यह आपकी दिमागी क्षमता को बढ़ा देगी।

परंतु आज हमारे इस लेख में हम लोग आप लोगों को उन साधारण तरीकों के बारे में बताएंगे। जो की मदद से आप अपने दिमाग की क्षमता को बढ़ा सकते हैं। यह असरदार भी है, क्योंकि कई सालों से हमारे पूर्वज पहले ही जाने अनजाने में इनका इस्तेमाल और इनका व्यवहार मेला कर रहे हैं। जिसके चलते उनकी दिमागी क्षमता काफी विकसित और तेज भी हुई है।

1.व्यायाम

व्यायाम करने से आपको दोहरा फायदा होता है। एक तो आपकी शरीर और स्वास्थ्य बेहतर और हष्ट-पुष्ट बना रहता है। तो दूसरी तरफ यह आपकी दिमागी क्षमता को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होती है। व्यायाम ना केवल आपको स्वस्थ रखता है बल्कि आपके शरीर में हार्मोन को अच्छी तरह से शरीर के कई अंगों में अच्छी तरह से पहुंचाने में भी मददगार साबित होता है।

व्यायाम करने से दिमाग की कोशिकाओं के बीच संपर्क बेहतर होता है और कई नई कोशिकाएं का निर्माण होता है।

कार्डिओ वाले व्यायाम करने से आप ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन लेते हैं। अगर आप यहां खुले आसमान के नीचे करते हैं तो आपको साथ ही साथ विटामिन डी भी मिल जाती है।

2. संतुलित भोजन

संतुलित भोजन भी आपकी दिमागी क्षमता को बढ़ाने में काफी मददगार होती है, क्योंकि आप जो भी भोजन ग्रहण करते हैं उसका 20% हिस्सा ऊर्जा के रूप में आपका दिमाग इस्तेमाल करता है।

साधारण तौर पर देखा गया है, कि अधिकतर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते। उदाहरण के तौर पर आपने यह जरूर महसूस किया होगा कि जब आप विटामिन से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन करते हैं तो आप अपने आप में तरोताजा और ज्यादा एक्टिव महसूस करते हैं।

वही जब आप का बैलेंस डाइट बिगड़ जाता है, तो आप अपने आपको ज्यादा आलस, निंद्रा मैं महसूस करते हैं। जैसे कि हमारा दिमाग हमारे लिए आहार के रूप में लिए गए भोजन का 20% हिस्सा इस्तेमाल करता है, यही सोचा है कि दिमाग की कामकाजी हालात गुलकोज के स्तर पर निर्भर करती है।

अगर आप शुगर लेवल को नियंत्रित नहीं करते हैं तो फिर आपका दिमाग कंफ्यूज हो सकता है। इसीलिए संतुलित भोजन खाना दिमाग के लिए बेहतर होता है। आप अपने भोजन में ऐसे फल और सब्जियों का इस्तेमाल ज्यादा तौर पर करें, जिनमें डोपामाइन केमिकल की मात्रा अधिक हो। इस बात का भी ख्याल रखें कि दिमाग की कोशिकाएं अधिकतर फैट्स की बनी होती है। लिहाजा खाने में शहद का इस्तेमाल नहीं छोड़े, इसके अलावा नट्स, सीड्स ,नाशपति और मछली दिमाग के लिए बेहतर होती है।

3.मूवमेंट के साथ याद रखना

मूवमेंट के साथ याद रखना यह भी एक व्यायाम आपकी तरह ही है। आपने ज्यादातर छोटे-छोटे स्कूल के बच्चों को देखा होगा, की कविताओं को याद रखने के लिए उन्हें कुछ मूवमेंट सिखाए जाते हैं।

यह भी एक अच्छा तरीका है जिसकी मदद से आप अपने दिमाग की क्षमता को और बेहतर बना सकते हैं। ज्यादा अभिनेता और अभिनेत्रियों द्वारा इनका इस्तेमाल किया जाता है। जिसने भी कुछ खास मूवमेंट इस्तेमाल से कुछ कुछ खास चीजों को याद रखते हैं। एक शोध के अनुसार यह भी पता चला है कि आप अगर किसी प्रेजेंटेशन या किसी स्पीच के लिए तैयारी कर रहे हैं तो उसे आप टहलते हुए याद करें तो आप पाएंगे कि आप को यह जल्दी से याद हो जाएगा।

मूवमेंट की स्थिति में, आपका दिमाग ज्यादा एक्टिव हो जाता है। जिसके चलते चीजें आपको जल्दी याद हो जाती है। वह किसी एक स्थान पर बैठकर अगर आप किसी चीज को याद करने का प्रयास करते हैं तो जल्दी आपका दिमाग थक जाता है। जिससे वह चीज आपको याद करने में काफी मुश्किल होती है।

4. म्यूजिक सुनने से भी आपकी दिमागी क्षमता बढ़ती है।

एक शोध के मुताबिक, म्यूजिक सुनना दिमागी क्षमता को बढ़ाने में काफी मददगार है। म्यूजिक का असर आपके दिमाग पर जादुई तरीके से होता है।

म्यूजिक सुनने से आप अपने आपको ज्यादा एक्टिव महसूस करते हैं। आप किसी भी तरह का म्यूजिक क्यों ना सुने? क्या आपको? अपने मूड में परिवर्तन दिखाई देता होगा।

जब आप मस्ती के मूड में हो, मस्ती वाली कोई म्यूजिक सुने तो यह आप की मस्ती को दुगुना कर देता है। या आप रिलैक्स करना चाहे तो आप रिलैक्स वाली कोई म्यूजिक सुन ले।

तो देखा जाए तो सीधे तौर पर म्यूजिक आपके दिमाग पर असर करता है जो आपके मूड को बदलने में काफी मददगार साबित होता है।

5. पढ़िए और सोचिए

अगर आप में यह आदत है कि आप रोजाना कुछ ना कुछ नई चीजें पढ़ते हैं, तो आपको दिमागी क्षमता जरूर बढ़ेगी। क्योंकि जब भी आप कोई नई चीजें पढ़ते हैं तो आपके दिमाग के दो तार आपस में जुड़ जाते हैं।

आपके द्वारा पढ़ी गई नई चीजें और जानकारियां के बारे में आप सोचने लगते हैं। और जब आप सोते हैं तब यह जानकारियां यादाश के रूप में आपके दिमाग में एकत्र हो जाती है।

रात को सोते समय आप कोई फिल्म या डरावनी फिल्में ना देखें। यह सीधे तौर पर आपके दिमाग पर असर डालता है। अगर आप पॉजिटिव चीजें लेकर रात को सोते हैं तो वह सारी चीजें आपके दिमाग में यादाश्त के रूप में इकट्ठी हो जाएगी।

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