उंगलियां चटकाने पर या जोड़ों को चटकाने पर आवाज क्यों आती है?

विज्ञानं होम

दोस्तों अक्सर देखा गया है कि जब भी आप अपनी उंगलियां चटकाने हैं या जोड़ों का चटकाते हैं या फिर गर्दन को चटकाते हैं तो एक आवाज आती है।

लेकिन आपने सोचा है कभी क्यों? आपने कई लोगों को उंगली चटकाते देखा होगा और अक्सर फुर्सत के समय में आपने भी उंगलियां चटकाई होगी। क्या आपने कभी सोचा है चटकने की आवाज कहां से आती है ? क्यों आती है? और हमे , उंगली चटकाने पर मजा क्यों आता है और अच्छा लगता है।

हमारी हड्डियों के जोड़ों के बीच में एक प्रकार का लुब्रिकेंट फ्लूइड रहता है, जिसे साइनोवियल फ्लूइड कहते है। साइनोवियल फ्लूइड में ऑक्सीजन ,नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है उंगलियां चटकाने पर ये रिलीज होती है। और इनका बुलबुला बनता है, यह बुलबुला अधिक दबाव पड़ने पर फूट जाता है। यही आवाज़ हमें उंगलियां चटकाने पर सुनाई देती है ।उंगलियां चटकाने पर उनके जोड़ेंफूल जाती है। और जोड़ों पर स्थित तंत्रिकाएं फिर देर हो जाती है। और राहत का अनुभव होता है एक बार अच्छे से चटकाने के बाद गैस को दोबारा बनने में लगभग 20 मिनट लग जाते हैं इसलिए एक बार चटक चुकी उंगलियां को फौरन दोबारा चटकाने की कोशिश करने पर आवाज नहीं आती।