क्या पिरामिड रहस्य है ?आइए जानते हैं गीजा का पिरामिड का रहस्य?

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मिस्र का गीजा पिरामिड अपने अंदर कई रहस्य को लेकर अभी भी कायम है कई लोगों का यह मानना है कि यह पिरामिड दूसरे ग्रह से आए एलियंस ने बनाया है। आइए जानते हैं इनके रहस्य के बारे में।

मिस्र के महान पिरामिडों में गीजा का पिरामिड भी शामिल है ।भारत की तरह मिस्र की सभ्यता भी बहुत पुरानी है ,और प्राचीन सभ्यता के अवशेष यहां के गौरव गाथा की कहानी सुनाते हैं। यूं तो मिस्र में 138 से भी ज्यादा पिरामिड है लेकिन गीजा पिरामिड यहां का सबसे बड़ा पिरामिड है और इस पिरामिड को दुनिया के सात अजूबों में शामिल किया गया है।

असल में मिस्र में बनाए गए अधिकतर पिरामिड वहां के महान शासकों के स्मारक हैं ।जिनमें राजाओं के शव को दफनाया कर सुरक्षित रखा गया है। इन सबको मम्मी कहा जाता है। इन पिरामिडों में उनके शव के साथ साथ खाने पीने की चीजे, कपड़े-गहने बर्तन ,गाने बजाने के लिए यंत्र ,हथियार, जानवर और कई बार तो सेवक सेविकाओं को भी उनके साथ ही दफनाया दिया जाता है । विशालता के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन इनसे जुड़ी कुछ रोचक तथ्य भी है जिन्हें आप जानकर हैरान रह जाएंगे।

  1. यह पिरामिड 450 फीट ऊंचा है 43 सदियों तक यह दुनिया का सबसे ऊंची संरचना रही है लेकिन 19वीं सदी में ही इसकी ऊंचाई का कीर्तिमान टूट गया इसका आधार 13 एकड़ में फैला है जो करीब 16 फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है यह 2500000 चुनाव पत्रों के खंडों से निर्मित किया गया है जिनमें से हर चूना पत्थर का वजन 2 से 30 टन के बीच है। इनका निर्माण इतने गजब तरीके से किया गया है की वर्तमान तकनीक भी इसका हल नहीं निकाल पाई है कि इसे उस दिन जमाने में किस तरह से बनाया गया होगा जहां तक तकनीक के आधुनिक साधन उपलब्ध नहीं थे।
  2. इसकी संरचना में पत्थरों का प्रयोग इस प्रकार से किया गया है कि इस के भीतर का तापमान हमेशा स्थिर और पृथ्वी के औसत तापमान से 20 डिग्री सेल्सियस के बराबर रहता है यदि इसके पत्थर को 30 सेंटीमीटर मोड पर टुकड़े से काट दिया जाए तो इनसे फ्रांस के चारों ओर 1 मीटर ऊंची दीवार बन सकती है।
  3. गीजा का पिरामिड मैं पत्थरों का उपयोग किस प्रकार किया गया है किया एक कंप्यूटर जैसा लगता है यदि इनके किनारों की लंबाई ऊंचाई और कोनो को नापा जाए तो पृथ्वी से संबंधित विभिन्न चीजों की सटीक गणना की जा सकती है।
  4. कुछ साल पहले तक लेसर की नौ से मां के उपकरण के अविष्कार होने तक विज्ञानिक इसकी सूक्ष्म सिमिट्री इसका पता भी नहीं लगा पाए थे इनके जैसा दूसरा बनाने की तो बात ही दूर है प्रमाण बताते हैं कि इसका निर्माण करीब 2507 ईसापूर्व मिस्र के शासक कुफू के चौथे वंश द्वारा अपनी कब्र के तौर पर कराया गया था और सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे बनाने में 23 साल लगे।
  5. गीजा पिरामिड की संरचना इस प्रकार से की गई है बड़े-बड़े विज्ञानिक भी इसकी संरचना को देखकर अचंभित है। पिरामिड नींव की बात करें तो इसके चारों कोणों के पत्थर में बॉल और सॉकेट बनाए गए हैं ताकि ऊष्मा से होने वाले प्रसार और भूकंप में यह सुरक्षित रहे।
  6. आज भी मिस्र के इस महान गीजा पिरामिड को लेकर कई सवाल उठाए जाते रहे हैं कि बिना किसी मशीन बिना आधुनिक औजारों के मिस्र वासियों ने कैसे विशाल पत्थरों के टुकड़ों को 450 फीट ऊंचे स्थान पर रखा होगा। और सबसे बड़ी बात यह है कि महज 23 वर्ष में इसे कैसे पूरा कर लिया होगा? पिरामिड विशेषज्ञ इवन हैरिंगटन ने गन्ना का हिसाब लगाया है कि यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए दर्जनों श्रमिकों को साल के 365 दिन में हर दिन 10 घंटे के काम के दौरान हर दूसरे मिनट में एक पत्थर खंड को रखना होगा। क्या ऐसा संभव था?
  7. मिस्र वासियों पिरामिड का इस्तेमाल वेधशाला कैलेंडर, सन डायल और सूर्य की परिक्रमा, ग्रहों की गति, प्रकाश के वेग को जानने के लिए किया करते थे।
  8. गीजा पिरामिड की संरचना को देखा जाए तो मन में यह भी सवाल उठता है कि विशाल श्रम शक्ति के अलावा क्या प्राचीन मिस्र वासियों को गणित और खगोलीय विज्ञान के बारे में क्या जानकारी थी? विशेषज्ञों के मुताबिक पिरामिड के बाहर पाषाण खंडों को इतनी कुशलता से तराशा और फिट किया गया है कि जोड़ों में एक ब्लड भी नहीं गुस्साई जा सकी मिस्र के पिरामिड के निर्माण में कई खगोलीय आधार भी पाए गए हैं जैसे कि तीनों पिरामिड ओरियन राशि के तीन सितारे किस चीज में है वर्षों से विज्ञानिक इन पिरामिडों का रहस्य जानने के प्रयत्न में लगे हैं किंतु अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
  9. पिरामिड को गणित की जन्मकुंडली भी कहा जाता है जिससे भविष्य की गणना की जा सकती है।
  10. मिस्र स्थित गीजा का सबसे बड़ा पिरामिड 146 मीटर ऊंचा था ऊपर का 10 मीटर अब गिर चुका है उसका आधार करीब 55000 मीटर का है अनुमान है कि 3200 ईसापूर्व मैं उसे बनाया गया था या इसके बावजूद कि उस समय की मिस्रवासियों की टेक्नोलॉजी सुनने के समान थी।
  11. कुछ लोग पिरामिड में स्थित जादुई असर की बात भी करते हैं जो मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है।

इन सभी तथ्यों से यह साफ साफ पता चलता है कि पिरामिड की संरचना अद्भुत है। इसके साथ-साथ मन में कई सवाल भी खड़े होते हैं कि जब मिस्रवासियों को गणित और खगोल विज्ञान की जानकारी इतने ज्यादा थी तभी उन्होंने इतने महान गीजा पिरामिड का निर्माण किया होगा। किस प्रकार से इन गीज़ा पिरामिड का निर्माण हुआ होगा क्योंकि उस समय ना तो आधुनिक औजार थे और ना ही आधुनिक उपकरण? इस चलते गीज़ा पिरामिड आज भी लोगों के लिए रहस्य बनकर खड़ा है।

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