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  • स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री को दिया निमंत्रण
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 2:05 pm

    रांची. गुजरात के राजस्व मंत्री कौशिक भाई जे. पटेल के नेतृत्व में रांची आए प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास से मुलाकात की। इस दौरान कौशिक पटेल ने गुजरात में बनी विश्व की सबसे विशाल और ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा "स्टेच्यू ऑफ यूनिटी" के लोकार्पण समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री को गुजरात सरकार की तरफ से निमंत्रण दिया।गुजरात के मंत्री कौशिक पटेल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम रविवार को रांची पहुंची थी। टीम में आठ विधायक और गुजरात के गृह सचिव सहित चार आईएएस अफसर शामिल थे। सुबह नौ बजे टीम के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद टीम 10 बजे राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के आवास पर भी गई जहां उन्हें भी लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता दिया।गुजरात के केवड़िया में बनी सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यहां एक महीने तक कार्यक्रम चलेगा। इसमें राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि को आमंत्रित किया जाएगा।-वर्ष 2013 में नरेंद्र मोदी ने लौह संग्रहण अभियान के माध्यम से किसानों को सबसे बड़े सामाजिक आंदोलन में लोहा के प्रतीकात्मक प्रयुक्त कृषि उपकरण का योगदान करने का आह्वान किया था।-देश के सभी राज्यों से इसे समर्थन मिला। 28 राज्यों के 1,70,000 स्थानों से लौह उपकरण प्राप्त किये गये। इन लौह उपकरणों को पिघलाकर शुद्ध कर इस्तेमाल में लाया गया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की विशाल प्रतिमा में देश के कोने-कोने के किसानों का सीधा जुड़ाव रहेगा।-प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी और ब्राजील के रियो डी जेनेरो में स्थित क्राइट द रिडीमर की प्रतिमा से लगभग पांच गुनी ऊंची है। प्रतिमा की आधारशिला पर प्रदर्शनी हॉल व स्मारक उद्यान।-पर्यटकों को तेजी से चलने वाले एलिवेटर्स द्वारा प्रतिमा के अंदर की छाती के स्तर पर 153 मीटर की ऊंचाई पर देखने के लिए गैलरी।-यहां से महान सरदार सरोवर बांध, विंध्याचल और सतपुड़ा की सुंदर पर्वत श्रृंखला तथा नर्मदा नदी देख पाएंगे। प्रतिमा के पास श्रेष्ठ भारत भवन की एक सुंदर इमारत एक उच्च मानकवाले होटल के साथ।-प्रतिमा को देखने के लिए रोजाना 15000 से अधिक आगंतुकों के आने की संभावना। प्रतिमा के भीतर उसकी छाती के स्तर तक की एक विजिटर गैलरी, जिसमें एकबार में लगभग 200 आगंतुक आ सकेंगे।-प्रतिमा में अत्याधुनिक तकनीकवाले एलीवेटर्स प्रतिदिन 3000 से अधिक आगंतुकों को ले जा सकेंगे। आगंतुकों के मनोरंजन के लिए प्रतिमा के आसपास आकर्षक चीजों का निर्माण।-प्रतिमा के नीचे 73 फीट ऊंचे हॉल में सरकार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व और उनके कार्यों से जुड़ी एक प्रदर्शनी।-लाइब्रेरी में सरकार पटेल की असली आवाज में भाषण, वीडियो फिल्में होंगी, जिसमें उनकी असली फुटेज। विभिन्न राजवंशों को अधिगृहित करने के अवसरों वाली 16 फिल्में।-स्वतंत्रत के तुंरत बाद सरदार पटेल द्वारा लिखी गयी दुर्लभ किताबों की प्रतियां ट्रस्ट के पुस्तकालय में संरक्षित।लगभग 230 हेक्टेयर क्षेत्रफल की एक 17 किलोमीटर लंबी फूलों की घाटी।-सरदार सरोवर सरोवर बांध के पानी की झील के पास एक टेंट सिटी। भारतीय स्वाधीनता संग्राम में एवं स्वाधीनता के बाद देश निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका का वर्णन करने वाली एक हाईप्रोफाइल प्रोजेक्शन मेपिंग।-कैफिटेरिया के साथ एक स्मारक और आगंतुक केंद्र स्मारिका, विक्रय केंद्र पर्यटकों के लिए अन्य आकर्षण के रूप में होंगे।Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मुख्यमंत्री को निमंत्रण देते कौशिक पटेल व अन्य। […]

  • कंट्रैक्ट कर्मियों का नियमितीकरण हुआ तो होगा भारी विरोध: बंधु तिर्की
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:52 pm

    रांची. झाविमो महासचिव बंधु तिर्की ने कहा है कि कंट्रैक्ट कर्मियों का अगर नियमितीकरण हुआ तो पार्टी सड़क पर उतर कर भारी विरोध करेगी। विरोध का स्वरूप इतना व्यापक होगा कि सरकार को सोचने को बाध्य होना होगा। उन्होंने कहा कि कंट्रैक्ट कर्मियों का बगैर रोस्टर और आरक्षण का पालन किए बगैर नियमितीकरण हुआ तो झारखंड की मूलवासी-आदिवासी जनता के साथ अन्याय होगा।पिछले दरवाजे से अधिकारियों ने बहाली कर लीउन्होंने कहा कि कंट्रैक्ट पर पिछले दरवाजे से अधिकारियों ने बहाली कर ली। अब उन्हें नियमितीकरण कर नौकरी पक्की की जा रही है जो कहीं से न्यायपूर्ण नहीं है। कंट्रैक्ट पर अधिकतर भाई-भतीजावाद के तहत लोगों को रखा गया। रिश्तेदारों और अपनों को रखा गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today झाविमो महासचिव बंधु तिर्की। (फाइल) […]

  • प्रेमी से मिलवाने के बहाने लड़की को ले गए दिल्ली, वहां प्रेमी ने दोस्तों के साथ मिलकर किया सामूहिक दुष्कर्म
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:51 pm

    हजारीबाग. दारू थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने अपने प्रेमी के उपर दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। कहा है कि उसका प्रेमी अजय यादव दिल्ली में रहता है। उसके दो दोस्त चतरा निवासी लक्ष्मण यादव और कटकमदाग के कुसुंभा निवासी रंजीत यादव ने कहा कि चलो दिल्ली में तुम्हारे प्रेमी अजय से मिलवा देंगे। उनके कहने पर साथ में दिल्ली चली गई। जहां प्रेमी के उक्त दोनों दोस्तों ने रास्ते में ट्रेन पर छेड़छाड़ किया। जब दिल्ली पहुंचे तो प्रेमी भी अपने दोस्तों के साथ मिल गया और तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।इस संबंध में पीड़िता ने कोर्ट में परिवाद दायर की। जब परिवाद थाना पहुंचा तो थाना प्रभारी नथुनी प्रसाद यादव ने सोमवार को युवती का सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया। घटना 23 अगस्त की है। घटना के संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि युवती और परिजनों का कहना है कि वह प्रेमी अजय यादव से मिलने के लिए उसके दोस्तों के साथ दिल्ली गई थी। फिर उसके घरवाले दिल्ली जाकर लड़की को वापस लाए। वापस आने के बाद उक्त आरोप के तहत कोर्ट में परिवाद दायर कराया है।उधर, प्रेमी का कहना है कि यह आरोप झूठा है। थाना प्रभारी ने कहा कि मेडिकल कराया गया है। साथ ही आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, युवती के साथ प्रेमी के मित्रों ने रास्ते में ट्रेन यात्रा के दौरान छेडख़ानी की। फिर दिल्ली पहुंचने पर तीनों ने दुष्कर्म किया। जांच में जो फैक्ट सामने आएगा उस आधार पर अग्रेतर कार्रवाई होगी। तत्काल परिवाद पर मामला दर्ज कर लिया गया है।Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Girlfriend gang raped by lover with friends […]

  • बकोरिया कांड की सीबीआई जांच का फैसला स्वागत योग्य: झाविमो
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:31 pm

    रांची. झारखंड विकास मोर्चा ने हाईकोर्ट द्वारा पलामू के बहुचर्चित बकोरिया कांड की जांच सीबीआई द्वारा कराने के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि न्यायालय के इस फैसले से जहां झारखंड पुलिस का असली चेहरा उजागर हुआ है। वहीं, पीड़ित परिवार व न्यायप्रिय जनता का कानून के प्रति भरोसा भी प्रगाढ़ हुआ है।गुनाहगारों के चेहरे बेनकाब होंगेउन्होंने कहा- झारखंड पुलिस व सरकार के लिए यह फैसला एक सबक भी है कि वे कानून का जैसा भी गलत इस्तेमाल करना चाहेंगे, वैसा नहीं होगा। अब इस मामले की पूरी परत खुलेगी और गुनाहगारों के चेहरे बेनकाब होंगे। योगेंद्र सिंह ने कहा कि आठ जून 2015 को हुए इस मुठभेड़ में पहले ही दिन से फर्जी होने की बू आ रही थी।पांच नाबालिग को सीआईडी जांच में बालिग करार दिया गयाउन्होंने कहा- मुठभेड़ पर तत्कालीन डीआईजी, एसपी, थानेदार व एडीजी एमवी राव ने सवाल उठाया था। सीआईडी ने भी आनन-फानन में झारखंड पुलिस को क्लीन चिट दे दी थी। मामले में पुलिस पर ग्रामीणों को नक्सली बताकर घेरकर मारने का आरोप है। इसमें पांच नाबालिग भी थे, जिसे सीआईडी जांच में बालिग करार दिया गया है। ऐसे ही कई और बिन्दुओं पर हाईकोर्ट सीआईडी जांच से संतुष्ट नहीं हुआ। कोर्ट ने जनहित को देखते हुए इसकी सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह।(फाइल) […]

  • बकोरिया कांड में अब न्याय मिलेगा, दोषी अफसर नही बचेंगे: कांग्रेस
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:25 pm

    रांची. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने उच्च न्यायालय द्वारा बकोरिया कांड की जांच सीबीआई को दिए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के इस आदेश से लोगों में न्यायालय के प्रति विश्वास बढ़ा है। हमें विश्वास है कि उच्च न्यायालय अपनी निगरानी में जल्द से जल्द सीबीआई की निष्पक्ष जांच कराकर बकोरिया कांड के प्रभावित परिवारों को राहत देने का काम करेगी।निष्पक्ष जांच होने के बाद जेल के सलाखों के पीछे होंगे पुलिस के आला अधिकारीराजेश ठाकुर ने कहा की जिस तरह से पुलिस के आला अधिकारी इस केस से खिलवाड़ कर रहे थे। ऐसे में न्यायालय का निर्णय राज्य सरकार के आला पुलिस अधिकारियों की गंदी कार्यशैली को दर्शाता है। लोग लगातार बकोरिया कांड पर सवाल उठाते रहे और राज्य सरकार उस कांड पर पर्दा डालती रही। पुलिस के आला अधिकारी इस केस के निष्पक्ष जांच होने के बाद जेल के सलाखों के पीछे होंगे। जब भी कोई ईमानदार पुलिस पदाधिकारी इस केस को सही तरीके से देखने का प्रयास किया उसे रास्ते से या सच पूछिए तो राज्य से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।वैसे पदाधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने इस केस को रफा-दफा करने का प्रयास कियाराजेश ठाकुर ने कहा कि उच्च न्यायालय के इस निर्देश के बाद राज्य सरकार को वैसे पदाधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, जिन लोगों ने इस केस को रफा-दफा करने का प्रयास किया। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अच्छे पुलिस पदाधिकारियों को सीआईडी से बार-बार तबादला किया गया। नक्सलियों के नाम पर निर्दोष लोगों की हत्या कर इनाम पाने वाले एवं तमगा लगाने वाले अधिकारियों को अविलंब बर्खास्त किया जाना चाहिए। वरना लोगों का विश्वास राज्य की पुलिस व्यवस्था से उठ जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर। (फाइल) […]

  • पारसनाथ धार्मिक क्षेत्र के रुप में विकसित होगा, पर्यटन क्षेत्र के रुप में नहीं : मुख्यमंत्री
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:22 pm

    रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जैन तीर्थस्थल पारसनाथ का विकास धार्मिक पावन क्षेत्र के रुप में किया जाएगा, पर्यटन क्षेत्र के रुप में नहीं। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुनील सिंघी के नेतृत्व में झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री से मिलने गए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को वे बातचीत कर रहे थे। शिष्टमंडल में पूर्व आईएएस एमपी अजमेरा, कन्हैया लाल जैन, कमल पाटनी, तारा बेन, श्रीपाल बोथरा आदि शामिल थे।पारसनाथ के पास मांस-मदिरा की बिक्री पर लगनी चाहिए रोकसिंघी ने कहा कि मधुबन पारसनाथ के पास मांस मदिरा की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। पूरे विश्व में फैले जैन धर्मावलंबियों का यह सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है। इसके आसपास अहिंसा का वातावरण बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग यहां फाइव स्टार होटल बनाने की योजना बना रहा है, इस पर भी रोक लगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि पारसनाथ की गरिमा बरकरार रखी जाएगी। पूरे इलाके को धार्मिक क्षेत्र के रुप में अधिसूचित किया जाएगा। एमपी अजमेरा ने कहा कि सीएम के निर्देशों के अनुरुप सरकारी तंत्र अपना दायित्व निभाए, तभी क्षेत्र की पवित्रता बरकरार रह सकेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करते रघुवर दास। […]

  • वायु प्रदूषण से निबटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग व साझा कार्य योजना पर काम करेगा सीड
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:09 pm

    रांची. सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की ओर से गंगा के मैदानी इलाकों में गंभीर होते वायु प्रदूषण से निबटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग और सूचनाओं को साझा करने की प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया। कांफ्रेंस का विषय था सिटीज डॉयलॉग: एयर पॉल्युशन एबेटमेंट एंड रोल ऑफ सिटी एडमिनिस्ट्रेशन। इसका उद्देश्य है वायु प्रदूषण निवारण की कार्य योजना के लिए विभिन्न राज्यों के नगर स्तर पर एक प्रभावी और कार्यदक्ष समन्वय व सहयोग शुरू करना।रांची वायु प्रदूषण के प्रकोप से अभी तक पूरी तरह से प्रभावित नहीं: आशा लकड़ाइस कार्यक्रम में रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा व लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया, एंवॉयरोंमेंटल एक्सपर्ट्स, साइंटिस्ट्स, अकादमिक जगत के लोग भी शामिल हुए। कांफ्रेंस में मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि रांची वायु प्रदूषण के प्रकोप से अभी तक पूरी तरह से प्रभावित नहीं है। लेकिन हम उस दिन का इंतजार नहीं कर सकते। जब अन्य देशों की तरह हम लोग भी ऑक्सीजन मास्क लगाकर घूमें।सिटी बस और ऑटो रिक्शा को सीएनजी से जोड़ने की कोशिश की जा रहीरांची नगर निगम परिवर्तन की ओर अग्रसर है। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ई-रिक्शा का ज्यादा प्रयोग किया जा रहा है। शहर में चलने वाले सिटी बस और ऑटो रिक्शा को सीएनजी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने प्रशासन एयर क्वालिटी को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिल कर समयानुरूप एक्शन प्लान पर काम किया जाएगा। माैके पर लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. अजय प्रकाश, आईआईटी दिल्ली के डाॅ. संगणी डे, अभिषेक प्रताप, सीड के कार्यक्रम निदेशक मंजित सिंह सलुजा, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि समेत अन्य लोग उपस्थित थे।ईको-फ्रेंडली, स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सरकार को भेजा जाएगा प्रस्तावरांची पेट्रोल-डीजल से मुक्त होकर एक ईको-फ्रेंडली 'स्मार्ट सिटी' बने इसके लिए सरकार को एक प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा। यह बात मेयर आशा लकड़ा ने कही। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के साथ साइकिल का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। झारखंड में जंगलों के कटाव को रोकने के लिए वन संरक्षण समिति गठित हुई है। वहीं, सरकार द्वारा शुरू की गई अमृत योजना के तहत रांची में पार्कों का निर्माण हो रहा है। प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक या एक से अधिक पार्क निर्माण किया जाएगा। उन्होंने ने सीड से अनुरोध किया कि औद्योगिक जगत में जितने भी कारखाना चलाने वाले लोग हैं, उनके साथ एक कार्यशाला का आयोजन करें, जिससे वायु प्रदूषण के रोकथाम में मदद मिलेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इस कार्यक्रम में रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा व लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया, एंवॉयरोंमेंटल एक्सपर्ट्स, साइंटिस्ट्स, अकादमिक जगत के लोग भी शामिल हुए। […]

  • उग्रवादी की पत्नी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस बैरंग लौटी, चतरा जिला पंचायत की है अध्यक्ष
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:06 pm

    हजारीबाग. टीपीसी उग्रवादी संगठन का सेकंड इन चीफ कोहराम गंझू की पत्नी ममता देवी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस खाली हाथ लौट गई। बड़कागांव एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह अपनी टीम के साथ सोमवार सुबह रामनगर विष्णुपुरी गली नंबर तीन स्थित कोहराम के किराए के मकान पर पहुंचे। साथ में कटकमदाग थाना प्रभारी अजीत कुमार और महिला कांस्टेबल भी थीं।लगभग एक घंटे तक अनिल कुमार सिंह की टीम ने उस मकान का मुआयना किया और कोहराम की गिरफ्तारी का पीओ नोट किया। इसके बाद वापस चले गए। ममता देवी चतरा जिला जिला परिषद अध्यक्ष हैं। ममता देवी आवास पर नहीं मिलीं, इसलिए पुलिस को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। ममता देवी कोहराम की गिरफ्तारी के समय उसके पास से बरामद सामानों की आई विटनेस और इस संबंध में कटकमदाग थाना में दर्ज मामले की प्राथमिक अभियुक्त है। पुलिस ने ममता देवी के समक्ष ही जब्ती सूची तैयार की थी। गिरफ्तारी के बाद से अब तक की जांच में पुलिस को उसकी पत्नी के खिलाफ भी अहम तथ्य मिले हैं।पुलिस ने मकान मालिक सुधीर पांडेय की भूमिका पर भी संदेह जताया और उस पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का मानना है कि जिस कोहराम को पूरा झारखंड जानता है कि वह हार्डकोर उग्रवादी है। टीपीसी का सेकंड सुप्रीमो है। बगल में बने कोहराम के घर को पुलिस ने पिछले साल ही सील कर दिया है फिर सुधीर पांडेय ने उसे अपना घर किराए पर कैसे दे दिया? पुलिस ने सुधीर पांडेय पर उग्रवादी कोहराम को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।पुलिस ने अनुसंधान में सवाल खड़ा करते हुए उल्लेख किया है कि सुधीर के घर से कोहराम गिरफ्तार हुआ। काफी समय गुजर जाने के बाद भी घर नहीं खाली कराया जाना इशारा करता है कि टीपीसी से मकान मालिक का गहरा संबंध है। पुलिस उसे भी अप्राथमिक अभियुक्त मानते हुए नजर बनाए हुए है। इधर, कोहराम की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से मिले सबूतों के आधार पर जितने भी सफेदपोश के नाम सामने आए हैं, उनकी हर गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है।टीपीसी का सेकंड इन चीफ कोहराम को हजारीबाग व चतरा पुलिस ने कटकमदाग थाना क्षेत्र के रामनगर शहरी इलाका के विष्णुपुरी गली नंबर तीन स्थित किराए के मकान से गिरफ्तार किया था। तब ममता देवी उसी घर में थी, कोहराम तीज मनाने पहुंचा था। पुलिस ने उसके घर से कई लैपटॉप, आईपैड, स्मार्ट फोन, डायरी समेत कई दस्तावेज बरामद किया था। हजारीबाग चतरा पुलिस की संयुक्त टीम ने कई घंटे तक कोहराम से पूछताछ की थी। इसके दो दिन पहले चतरा पुलिस ने टीपीसी के हार्डकोर मुनेश गंझू को गिरफ्तार किया था जिससे एनआईए की टीम पूछताछ कर रही थी।कोहराम के पकड़े जाने के बाद कई अहम खुलासे हुए और एनआईए की टीम ने आम्रपाली कोयला खान के डीजीएम रघुराम रेड्डी के पंडितजी रोड स्थित गली नंबर एक में किराए के मकान पर धावा बोला जहां रेड्डी नहीं मिले, तब टीम ने मकान को सील कर दिया। उसी शाम रेड्डी का चालक उत्तम साव एनआईए के हाथ लगा था। इसके जरिए रेड्डी तक टीम पहुंची और तीसरे दिन सील मकान पर पहुंच कर लगभग पांच घंटे तक एनआईए ने रेड्डी से बंद कमरे में पूछताछ की थी और कई दस्तावेज अपने साथ ले गई थी। इधर, एसपी मयूर पटेल ने बरामद साक्ष्य के आधार पर कोहराम व उसके सहयोगियों की घेराबंदी शुरू कर दी। इसके तहत पुलिस ममता देवी को गिरफ्तार करने उसके शरणस्थली तक पहुंच गई।Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today कोहराम के किराए के मकान में छापामारी करने पहुंची पुलिस। […]

  • चुटिया पावर हाऊस रोड में रेलवे ब्रिज नहीं बनाए जाने के विरोध में सरकार का पुतला दहन
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:04 pm

    रांची. चुटिया पावर हाउस रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण नहीं कराने के विरोध में राष्ट्रीय जनसंघर्ष स्वराज पार्टी ने सोमवार को सरकार का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरेंद्र कुमार जायसवाल कहा कि पावर हाउस रेलवे क्रासिंग से राजनगर, पावर हाउस कॉॅलोनी, रामनगर, रेलवे कॉॅलोनी, कृष्णापुरी, द्वारिकापुरी और चुटिया वासियों के हजारों लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोग घंटों क्रासिंग पर खड़े रहते हैं।आए दिन बीमार लोगों को गेट बंद रहने से जान भी जाती हैउन्होंने कहा- बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं को तो यहां तक पैदल चलने में भी कठिनाई होती है। आए दिन बीमार लोगों को गेट बंद रहने से जान भी जाती है। इसको लेकर पार्टी वर्षों से आंदोलित है। डीआरएम एसके अग्रवाल ने कहा है कि रेलवे पावर हाउस पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए तैयार है। बशर्ते झारखंड सरकार सहयोग करें। मगर सरकार कोई सहयोग नहीं कर रही है। कार्यक्रम में डाॅ. एसके शर्मा, रामचंद्र साहू, जितेन्द्र कुमार, दिलीप कुमार साह, राजीव रंजन शर्मा, रणधीर प्रसाद वर्मा, मुकेश पाण्डेय, नीतीश कुमार, पूरण उरांव, संजय कुमार, किशोर पासवान, विजय प्रसाद, रामशोभित राम, राजीव कुमार, आलोक कुमार सहित कई उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today राष्ट्रीय जनसंघर्ष स्वराज पार्टी ने सरकार का पुतला दहन किया। […]

  • बकोरिया मुठभेड़ मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने दिया सीबीआई जांच का आदेश
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 12:05 pm

    रांची. झारखंड हाईकोर्ट नेपलामू के बकोरिया में आठ जून 2015 को हुए मुठभेड़ मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया है। मामले में सीआईडी पुलिस को पहले ही क्लिनचिट दे चुकी थी। सीआईडी ने जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट पलामू कोर्ट को सौंपी थी। मुठभेड़ में 12 लोग मारे गए थे।कथित रूप से नक्सली बता कर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पारा टीचर उदय यादव के पिता जवाहर यादव ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए याचिका दाखिल की थी दावा थाकि मारे गए सभी लोग निर्दोष थे। जो हथियार बरामद हुए थे वे प्रायोजित थे। मानवाधिकार आयोग ने भी सीआईडी जांच को सही नहीं माना था। इस मामले की जांच करने वाले कई अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय की अदालत में फैसला सुनाया गया। अदालत ने मामले के सभी पक्षों की मार्च में सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।दिसंबर 2017 में सीआईडी के तत्कालीन एडीजी एमवी राव ने मामले की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने केस के जांचकर्ता को आदेश दिया था कि घटनास्थल पर पहुंचे तमाम अधिकारियों का सीडीआर निकालें। साथ ही सभी अधिकारियों, उनके ड्राइवर और बॉडीगार्ड का बयान लें। इसके बाद जांचकर्ता ने अनुसंधान रिपोर्ट पेश की थी जिसमें उन्होंने लिखा कि सीडीआर निकालने के लिए मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को पत्र लिखा था, लेकिन एक साल पुरानी सीडीआर देने में कंपनियों ने असमर्थता जताई।आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा ओपी के बकोरिया में हुए इस मुठभेड़ में पांच नाबालिग, भाकपा माओवादी अनुराग समेत 12 लोगों की मौत हो गई थी। मुठभेड़ के बाद पलामू डीआईजी हेमंत टोप्पो, लातेहार के तात्कालिक एसपी अजय लिंडा, पलामू सदर थाना के प्रभारी हरीश पाठक ने मुठभेड़ पर सवाल उठाया था25, 27 मई और तीन जून 2015 को आईबी ने 14 नक्सलियों के मोबाइल लोकेशन को लातेहार जिले के बार्डर पर ट्रैप किया। सूचना सीआरपीएफ को दी। सीआरपीएफ के कोबरा 209 के कमांडेंट ने टीम बनाकर ऑपरेशन शुरू किया। आठ जून की रात पलामू एसपी ने सतबरवा ओपी इनचार्ज को लातेहार पलामू हाइवे पर नक्सलियों के जाने की सूचना दी तथा कोबरा बटालियन को सहयोग करने का निर्देश दिया। मुठभेड़ के बाद देर रात एक बजे पलामू आईजी, एसपी, जोनल आईजी पलामू, कोबरा के सीओ एसपी लातेहार पहुंचे। मौके से बारह शव और आठ हथियार मिले। शवों की जांच में उसके हाथ में विस्फोटक के सुराग मिले थे। पोस्टमार्टम 10 जून को हुआ।Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today नक्सली संगठनों की विज्ञप्ति के आधार पर CID ने 11 मृतकों को बताया नक्सली। […]

  • शहीद के पिता ने कहा- दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं, अब जीने की तमन्ना ही नहीं रही, बहू बोली- किसी को फूटी कौड़ी नहीं दूंगी
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Bhaskar News) on October 22, 2018 at 10:44 am

    गिरिडीह (झारखंड)।सह बीएसएफ जवान सीताराम उपाध्याय के शहीद होने के 4 माह बाद ही उसके नाम पर मिलने वाले मुआवजा बंटवारे के सवाल पर विवाद शुरू हो गया है। जिसमें एक तरफ पत्नी रेशमी उपाध्याय हैं तो दूसरी तरफ सीताराम उपाध्याय के विकलांग पिता और बीमार मां। यह विवाद तब छिड़ा जब पहली किश्त के रूप में शहीद जवान की विधवा रेशमी उपाध्याय को 26 लाख का भुगतान हुआ। भुगतान के बाद जब आंख से अंधे शहीद के पिता बृजनंदन उपाध्याय व माता ने बहू से कुछ रुपए की मांग तो उसने देने से साफ इनकार कर दिया। जिसकी खबर दोनों ने आस-पड़ोस व गांव वालों को दी।गांव वालों ने भीरेशमी को समझाया, लेकिन बात नहीं बनीगांव वालों ने भी इस बाबत रेशमी को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। अंत में बृजनंदन के भाई रामकिंकर उपाध्याय ने पहल की, लेकिन उनकी भी बात का असर नहीं हुआ। फिर मामला एसपी तक पहुंचा। एक तरफ शहीद की विधवा ने जान माल के सुरक्षा की गुहार एसपी से लगाई है तो दूसरी तरफ दाने-दाने व दवा के मोहताज शहीद सीताराम के माता-पिता ने एसपी से न्याय की फरियाद लगाई है। इससे पहले सीआरपीएफ की एक टीम शहीद के माता-पिता से मिलने उनके पैतृक घर पालगंज पहुंची और दुर्गापूजा के मौके पर कपड़ा व मिठाई भेंट की। इसी के बाद विवाद शुरू हो गया।100 फीसदी मुआवजे की हकदार, हमारी जान काे है खतरा- संस्मरण दिवस के मौके पर गिरिडीह सम्मान लेने पहुंची शहीद की पत्नी रेशमी उपाध्याय ने अपनी जान के खतरे के बाबत एसपी सुरेन्द्र झा से शिकायत की है। इसके बाद उसने झंडा मैदान में पत्रकारों के बीच कहा कि ससुरालवालों से उनकी जान को खतरा है।- पति के शहादत पर मिलने वाले मुआवजे पर कुछ लोगों की गलत नजर है, और उसे हड़पने की लोग साजिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें धमकी भी दी गई है। साथ ही ये भी कहा गया है कि यदि खुद व अपने दोनों बच्चों की सलामती चाहती है तो जो मुआवजा मिला है अथवा मिलने वाला है उसका बराबर शेयर सास-ससुर के हवाले कर दो।- धमकी का आरोप उसने अपने चचेरा ससुर रामकिंकर उपाध्याय पर लगाई है। उन्होंने यह भी कहा है कि उसके सास-ससुर अच्छे विचार के हैं, लेकिन रामकिंकर उपाध्याय जैसे कुछ लोग दोनों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं।- इसी बीच उन्होंने यह ऐलान कर दिया है कि शहादत के एवज में उसे जो भी मुआवजा मिलेगा, उसमें वह किसी को फूटी कौड़ी देने वाली नहीं है, और न ही खुद दुरुपयोग करेगी।सारा रकम वह अपने दोनों बच्चों के नाम जमा करेगी। पति के जाने के बाद अब उसका भविष्य वही दोनों बच्चा ही है। उन्होंने कहा कि पति के नोमिनेशन फार्म में भी सिर्फ पत्नी का नाम है और वह 100 फीसदी की हकदार है।- शहीद के माता-पिता को भारत सरकार पेंशन देती है। छह माह पूरा होने के बाद दोनों को 5720 रुपए पेंशन मिलेगा। इसके अलावा ससुर को हर माह 900 रुपए विकलांग पेंशन मिलता है। इससे अधिक दोनों का खर्च नहीं हो सकता है।- कहा कि श्राद्ध के वक्त सास-ससुर को सरकार से 1.40 लाख रुपए मिला था। लेकिन कोई खर्च नहीं किया। श्राद्ध के खर्च का बकाया 4.5 लाख खुद से भुगतान किया है।रेशमी ने कहा- कभी नहीं मिला ससुराल का सुख- बातचीत के दौरान रेशमी ने ये भी कहा है कि उसने सीताराम के साथ प्रेम विवाह किया था। लेकिन शादी के 4 साल गुजर गए, न तो उसे कभी सास-ससुर का प्यार मिला और न ही ससुराल का सम्मान मिला। जब कभी वह ससुराल जाती भी थी तो उसे तिरस्कृत किया जाता था।- लिहाजा शादी के 4 साल के दौरान वह ससुराल में 20 दिन भी नहीं रही होगी, और न ही किसी ने रखने का प्रयास किया। ऐसे में अब वहां रहकर एडजस्ट करना मुश्किल है। जिसका परिणाम है कि आज ससुराल के परिवार के प्रति उसका न तो कोई मोह है और न ही प्रेम। हां इतना जरूर है कि अपने सास-ससुर को भूख व इलाज के अभाव में वह कष्ट नहीं होने देगी।- शुरू से वह अपने पिता के घर मधुबन में है और वहीं रहेगी। कहा कि उसके पति भी नौकरी से जब वापस आते थे तो मुश्किल से 8-10 घंटे घर में रहते थे, बाकी दिन उनका मधुबन में ही रहना होता था।- अपने माता-पिता को वे हर माह 3 हजार रुपए अौर परिवार के सभी सदस्य को कपड़ा देते थे। लेकिन घर-परिवार के प्रति उनका भी कोई खास लगाव व प्रेम नहीं था। ऐसे में यदि वह अपने पति की सोच के विपरीत कोई कदम उठाती है तो निश्चित रूप से उनकी आत्मा को ठेस पहुंचेगी।वायरल वीडियो की जांच की मांगरेशमी उपाध्याय ने कहा कि उसके ससुराल के ही कुछ लोग जो रिश्ते में उसके देवर लगते हैं, उन लोगों ने सोशल मीडिया में उसका कुछ वीडियो वायरल किया है। एसपी से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। जिस वीडियो को वायरल किया गया है, वह पुराना है और अपने दोस्तों के साथ वह कोई प्रोग्राम कर रही है। कुछ लोग उसे गलत तरीके से परोस रहे हैं।जीने की तमन्ना हो चुकी है खत्म : बृजनंदनबहू की बयानबाजी के बाद रविवार देर शाम शहीद सीताराम के पिता बृजनंदन उपाध्याय, माता व रामकिंकर उपाध्याय एसपी आवास पहुंचे। जहां अपनी फरियाद रखी। कहा कि वे नेत्रहीन हैं और पत्नी हमेशा बीमार रहती है। न तो उसके पास खाने को अनाज है और न ही बीमार पत्नी की इलाज हो पा रही है। ऐसे में बहू का यह प्रतिकार दु:ख पहुंचाता है, और आगे जीने की जो तमन्ना है, वह शायद अकाल मृत्यु में बदल जाएगी।रेशमी के आरोप झूठे : रामकिंकरमौके पर रामकिंकर उपाध्याय ने रेशमी के तमाम आरोपों को खारिज किया है। कहा कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जिसने जीवन भर पालन-पोषण किया उसका भी कुछ हक बनता है। लिहाजा एक अच्छा रकम माता-पिता को वह दे दें, जिससे उन दोनों का जीवन कट जाए। सीताराम सिर्फ अपने माता-पिता के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव का सबसे होनहार लड़का था, और उसके शहादत पर हर आंख ने आंसू बहाई। जवान बेटा खोने के बाद माता-पिता की कमर टूट गई। ऐसे में यदि उन्हें दुख होती है तो निश्चित रूप से सीताराम के आत्मा को ठेस पहुंचेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Story of shaheed BSF jawan seetaram upadhyay in Giridih Jharkhand Story of shaheed BSF jawan seetaram upadhyay in Giridih Jharkhand Story of shaheed BSF jawan seetaram upadhyay in Giridih Jharkhand […]

  • महिला की पत्थर से कुचल कर हत्या, माइंस में मिला शव
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 7:39 am

    गुमला. रायडीह थाना क्षेत्र के मांझाटोली स्थित एक पत्थर खदान में रविवार रात एक महिला की पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई। महिला की पहचान डाड़टोली निवासी करमा कुजूर की पत्नी रुनिया कुजूर (35) के रूप में की गई। रुनिया स्वास्थ्य सहिया का भी काम करती थी।पति को खाना पहुंचाने गई थी खेतलोगों को शव पड़े होने की जानकारी सोमवार की सुबह हुई। इसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतिका के पति करमा कुजूर ने बताया कि वो रविवार रात करीब 9 बजे करमा कुजूर को खाना पहुंचाने खेत पर गई थी।रात में नहीं लौटी वापस घरखाना देकर रुनिया वापस चली आई। घर आने के बाद गांव में नयाखानी का पर्व होने के कारण वह फिर गांव की अखरा की ओर निकली थी। पर रात को घर वापस नहीं आई। सुबह ग्रामीणों द्वारा पता चला की पत्थर खदान में रुनिया की लाश पड़ी हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today पुलिस ने महिला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। […]

  • छिपकर फोटो खींचने वाले शिक्षकों से जान को खतरा, इसलिए रिवाल्वर रखने दिया जाए
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 5:58 am

    जमशेदपुर. एलबीएसएम कॉलेज करनडीह में गणित विभाग की प्रोफेसर डॉक्टर सविता मिश्रा ने कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) की वीसी डॉ. शुक्ला मोहंती को आठ पन्ने का शिकायत पत्र भेज दो शिक्षकों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कॉलेज के राजनीति शास्त्र के शिक्षक डॉक्टर विनय गुप्ता और मैथिली विभाग के शिक्षक डॉक्टर आरके चौधरी से जान को खतरा बताते हुए कॉलेज परिसर में अपने साथ लाइसेंसी रिवाल्वर रखने की अनुमति मांगी है।डॉक्टर सविता ने कॉलेज को शिक्षिकाओं के लिए असुरक्षित बताया है। शिक्षिका ने दोनों शिक्षकों के तबादले और अपनी पूर्व शिकायत पर सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश करने की मांग की है। डॉ सविता ने 27 जुलाई 2018 को डॉक्टर विनय व डॉक्टर चौधरी पर छिप-छिपकर उनका और कुछ अन्य शिक्षिकाओं का फोटो खींचने का आरोप लगाया।डॉक्टर सविता मिश्रा के अनुसार, अारोपी शिक्षक विनय गुप्ता और महिला शिकायत निवारण कोषांग की सदस्य व वीमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर पूर्णिमा कुमार के संबंध अच्छे हैं। उन्हें शिकायतों की जांच की जिम्मेवारी 27 जुलाई को दी गई। कॉलेज पहुंचने में उन्हें दो महीना आठ दिन लग गए। विनय गुप्ता आठ वर्षों से डॉक्टर पूर्णिमा कुमार के निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर पूर्णिमा कुमार आरोपी को बचाने का प्रयास कर सकती हैं।एलबीएसएम कॉलेज के विनय गुप्ता का कहना है कि मैंने विश्वविद्यालय को लिखकर दिया है। शिक्षिका को कई आशंकाएं हैं। इसकी जांच हाेनी चाहिए। लेकिन जांच पर सवाल खड़ा करना निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा करना है। डॉक्टर सविता मिश्रा ने कहा कि मैंने तथ्यों के आधार पर वीसी से शिकायत की थी। जांच टीम में सगे संबंधी होंगे तो निष्पक्ष जांच कैसे संभव है। यह सुरक्षा से जुड़ा मामला है। डॉक्टर पूर्णिमा कुमार का कहना है कि महिला शिकायत निवारण कोषांग की सदस्य के नाते कॉलेज जांच करने गई थी। जांच पर किसी को आपत्ति है तो मुझे कुछ नहीं कहना।Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सविता मिश्रा। (फाइल फोटो) […]

  • 22 ट्रेनों के रूट बदले गए, 15 जोड़ी ट्रेनें रहेंगी रद्द
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 5:36 am

    धनबाद. गोमो-मुगलसराय रूट में ट्रेन यात्रा करने की सोच रहे यात्रीगण कृपया ध्यान दें... इस रूट पर चलने वाली 15 जोड़ी ट्रेनें सोमवार से 30 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी। वहीं, इस रूट की 22 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। इस बाबत रेलवे ने सूचना जारी कर दी है। रेलवे के अनुसार सोमवार से 30 अक्टूबर तक मुगलसराय मंडल के गया-पंडित दीनदयाल उपाध्याय जं. रेलखंड पर स्थित डेहरी-ऑन-सोन स्टेशन पर नन इंटरलॉकिंग का कार्य चलेगा।लोगों को परिवर्तित मार्ग का विकल्प चुनना होगानन इंटरलॉकिंग के कारण ट्रेनों का परिचालन बाधित रहेगा। इसका सीधा असर धनबाद के यात्रियों पर पड़ेगा। धनबाद से नई दिल्ली समेत देश के विभिन्न कोने में जाने के लिए लोगों को परिवर्तित मार्ग का विकल्प चुनना होगा। धनबाद और रांची से गुजरने वाली लुधियाना, जम्मूतवी, टाटा-अमृतसर, हावड़ा-आनंद बिहार टर्मिनल एक्सप्रेस समेत 12 से अधिक ट्रेनें रद्द रहेंगी। साथ ही कालका, पुरुषोत्तम, सियालदह-अजमेर, पूर्वा, सियालदह, आनंद बिहार एक्सप्रेस समेत 22 ट्रेनें रूट बदल कर आएंगी-जाएंगी।जानिए, कौन-कौन सी ट्रेनें किस दिन रहेंगी रद्द13151/52 कोलकत्ता जम्मू तवी एक्सप्रेस 22 से 28 तक13307/8 गंगा सतलज एक्सप्रेस 23 से 30 अक्टूबर तक11045/46 धनबाद-कोल्हापुर दीक्षा भूमि साप्ताहिक 25 एवं 29 को12323/24 हावड़ा-आनंद बिहार एक्सप्रेस 25 एवं 28 को13167/68 कोलकाता-आगरा कैंट एक्सप्रेस 25 एवं 27 को14223/24 राजगीर-वाराणसी बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस 23 से 29 तक18103/04 अमृतसर-टाटा एक्सप्रेस 24 से 29 तक18631/32 रांची-अजमेर एक्सप्रेस 25 एवं 27 को18311/12 संबलपुर- वाराणसी एक्सप्रेस 24 से 29 तकइन ट्रेनों का रूट बदला गया23 और 28 को पुरी से खुलने वाली 12801 पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम गोमो के बजाय बरकाकाना-गढ़वा रोड-चुनार होकर जाएगी। 23 और 27 को कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाणा एक्सप्रेस, 23 एवं 29 को अप एवं डाउन हावड़ा कालका मेल, सियालदह- अजमेर एक्सप्रेस, 24, 25 और 28 अक्टूबर को हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, 26,29 और 30 को नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, 25 एवं 29 को अप और डाउन हावड़ा जैसलमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 26 एवं 27 को अप एवं डाउन हावड़ा-लालकुआं एक्सप्रेस भाया धनबाद के बजाए आसनसोल, पटना मुगलसराय होकर गुजरेंगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गोमो-मुगलसराय रूट की 22 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। (फाइल) […]

  • चारा घोटाले की जांच करनेवाले सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर रांची के राकेश अस्थाना पर तीन करोड़ घूस लेने का केस दर्ज
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 4:44 am

    रांची/नई दिल्ली. करीब 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले की जांच करने वाले सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर रांची के राकेश अस्थाना पर सीबीआई ने ही केस दर्ज किया है। आरोप है कि मीट एक्सपोर्टर मोइन कुरैशी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के केस में एक कारोबारी को क्लीन चिट देने के लिए उन्होंने सवा तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की रिश्वत ली।एफआईआर 15 अक्टूबर को दर्ज की गई थी। अस्थाना ने भी इसी केस में सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा पर दो करोड़ घूस लेने का आरोप लगाकर 24 अगस्त को कैबिनेट सेक्रेटरी को शिकायत की थी। सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि हैदराबाद के सतीश बाबू सना की शिकायत पर अस्थाना, सीबीआई एसआईटी के डीएसपी देवेंद्र कुमार, मनोज प्रसाद, सोमेश्वर प्रसाद पर केस दर्ज किया गया है।मोइन कुरैशी केस में हैदराबाद का सतीश बाबू सना भी 50 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन के लिए जांच के घेरे में था। एसआईटी ने कई बार उसे पूछताछ के लिए भी बुलाया था। सीबीआई डायरेक्टर को भेजी शिकायत में उसने आरोप लगाया कि क्लीन चिट देने के एवज में अस्थाना की ओर से पांच करोड़ की मांग की गई है। तीन करोड़ एडवांस और दो करोड़ बाद में देने थे। अस्थाना के कहने पर अलग-अलग मौकों पर करीब 3.31 करोड़ रुपए मनोज प्रसाद और उसके भाई सोमेश प्रसाद को दिए। सीबीआई ने बिचौलिए मनोज को 16 अक्टूबर को दुबई से लौटते ही गिरफ्तार कर लिया था। सीबीआई ने कहा कि उसने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत 4 और 20 अक्टूबर को दो बार सना के बयान दर्ज करवाए थे। इनमें अस्थाना और अन्य के खिलाफ आरोपों की पुष्टि होती है।गुजरात कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी अस्थाना सीबीआई की एसआईटी का नेतृत्व करते हैं। अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला, विजय माल्या की धोखाधड़ी जैसे मामलों की जांच इसी एसआईटी के पास है। इसके अलावा लालू प्रसाद, पी चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम जैसे हाई प्रोफाइल नेताओं के मामलों की जांच भी यही एसआईटी देख रही है।आरोप है कि दिसंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच में कम से कम पांच बार रिश्वत की रकम ली गई। उल्लेखनीय है कि मोइन कुरैशी केस की जांच अस्थाना के नेतृत्व में एसआईटी कर रही है। सीबीआई में डायरेक्टर आलोक वर्मा के बाद अस्थाना ही दूसरे सबसे बड़े अधिकारी हैं।गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर राकेश अस्थाना लंबे समय तक रांची सीबीआई में डीआईजी पद पर रह चुके हैं। 1996 में हुए 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले की जांच में उनकी अहम भूमिका रही। रांची के बरियातू हाउसिंग कॉलोनी निवासी राकेश अस्थाना सीबीआई के धनबाद एसपी बनकर गुजरात से झारखंड आए। चारा घोटाले की जांच जब शुरू हुई, तब उन्हें डीआईजी के पद पर प्रोन्नत करते हुए रांची भेज दिया गया। उस समय यूएन विश्वास सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर थे। विश्वास और अस्थाना के सुपरविजन में ही चारा घोटाले की जांच हुई। इसके बाद अस्थाना गुजरात चले गए। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नेतरहाट आवासीय विद्यालय में हुई।अपने खिलाप एफआईआर दर्ज होने के चार दिन बाद यानी 19 अक्टूबर को भी अस्ताना ने सीवीसी को पत्र लिखकर कहा ता कि वह सना को गिरफ्तार कर पूछताछ करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में 20 सितंबर को सीबीआई निदेशक को भी लिखा गया था। उन्होंने चार दिन तक फाइल रोके रखी और फिर 24 को इसे डायरेक्टर ऑफ प्रॉसीक्यूशन को भेजकर सभी सबूत मांगे। आईआरसीटीसी मामले में फंसे लालू यादव के परिवार के केस में भी अस्थाना ने आलोक वर्मा पर दखल देने का आरोप लगाया था।Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today अस्थाना पर कारोबारी को क्लीन चिट देने के लिए सवा तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की रिश्वत लेने का आरोप है। (फाइल फोटो) […]

  • शहीद की विधवा ने कहा- फूटी कौड़ी किसी को नहीं दूंगी, सास-ससुर ने कहा- दाने-दाने के मोहताज, जीने की तमन्ना ही नहीं रही
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 4:42 am

    गिरिडीह.पीरटांड़ थाना क्षेत्र के पालगंज निवासी बीएसएफ जवान सीताराम उपाध्याय की शहादत के चार माह बाद ही उनके नाम पर मिलनेवाली मुआवजा राशि के बंटवारे के सवाल पर विवाद शुरू हो गया है। एक तरफ पत्नी रेशमी उपाध्याय हैं, तो दूसरी तरफ सीताराम उपाध्याय के दिव्यांग पिता और बीमार मां।विवाद तब छिड़ा जब पहली किश्त के रूप में शहीद जवान सीताराम उपाध्याय की विधवा रेशमी उपाध्याय को 26 लाख का भुगतान हुआ। भुगतान के बाद जब शहीद के नेत्रहीन पिता बृजनंदन उपाध्याय व माता ने बहू से कुछ रुपए मांगे, तो उसने देने से साफ इनकार कर दिया। इसकी जानकारी सास-ससुर ने परिवार के सदस्यों और गांव वालों को दी।गांव वालों ने भीरेशमी को समझाने की कोशिश की। अंत में बृजनंदन के भाई रामकिंकर उपाध्याय ने पहल की, लेकिन बात नहीं बनी। मामला एसपी तक पहुंच गया है। एक तरफ शहीद की विधवा ने एसपी से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है, तो दूसरी ओर दाने-दाने को मोहताज शहीद सीताराम के माता-पिता ने भी एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।100 फीसदी मुआवजे की हकदार, चार साल में कभी नहीं मिला ससुराल का सुख, पर सास-ससुर को कष्ट नहीं होने देंगी :संस्मरण दिवस के मौके पर गिरिडीह सम्मान लेने पहुंचीं शहीद की विधवा रेशमी उपाध्याय ने पत्रकारों से कहा कि ससुरालवालों से उनकी जान को खतरा है। पति की शहादत पर मिलनेवाली मुआवजा राशि पर परिवार के लोगों की गलत नजर है औरहड़पने कीसाजिश कर रहे हैं। उन्हें धमकी भी दी गई है कि जो मुआवजा मिला है अथवा मिलनेवाला है, उसका बराबर शेयर सास-ससुर के हवाले कर दो, वर्ना उसकी व बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है।धमकी का आरोप उन्होंने अपने चचेरे ससुर रामकिंकर उपाध्याय पर लगाई है। उन्होंनेऐलान कर दिया कि पति के शहादत के एवज में उन्हें जो भी मुआवजा मिलेगा, उसमें से फूटी कौड़ी भी किसी को नहीं देनेवाली हैं। सारे पैसे अपने दोनों बच्चों के नाम जमा करेंगी। पति के जाने के बाद अब उसका भविष्य दोनों बच्चे ही हैं।बातचीतमें रेशमी ने ये भी कहा है कि उसने सीताराम के साथ प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के 4 साल गुजर गए, न तो उसे कभी सास-ससुर का प्यार मिला और न ही ससुराल में किसी तरह का सम्मान मिला। हालत ये ये है कि आज ससुराल के प्रति उनका न तो कोई मोह है और न ही प्रेम। हां इतना जरूर है कि अपने सास-ससुर को भूख व इलाज के अभाव में वह कष्ट नहीं होने देंगी। शुरू से वह अपने पिता के घर मधुबन में हैं और वहीं रहेंगी।बहू ने दुख दिया : शहीद सीताराम के पिता बृजनंदन उपाध्याय, माता व रामकिंकर उपाध्याय ने एसपी आवास पहुंच कर अपनी फरियाद रखी। कहा कि वे नेत्रहीन हैं और पत्नी हमेशा बीमार रहती हैं। न तो उनके पास खाने को अनाज है और न ही बीमार पत्नी का इलाज हो पा रहा है। ऐसे में बहू रेशमी उपाध्याय का यह प्रतिकार दु:ख पहुंचाता है और आगे जीने की तमन्ना भी खत्म हो चुकी है। एक तो बेटा चला गया, दूसरी ओर बहू का अत्याचार शोभा नहीं देता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Family dispute over compensation for BSF jawan's martyrdom Family dispute over compensation for BSF jawan's martyrdom […]

  • अस्पताल में गंदगी दिखी तो मुख्यमंत्री ने खुद ही उठाकर डस्टबिन में डाला
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 4:34 am

    जमशेदपुर. टीएमएच में टाटा कंपनी के बाहर के लोगों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास रविवार को टाटा मोटर्स और टिस्को के अफसरों के साथ बैठक कर रहे थे। पता चला कि टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन की मां टीएमएच में भर्ती हैं। उन्हें देखने सीएम टीएमएच पहुंचे। पोर्टिको में गाड़ी से उतरते ही उन्हें गंदगी दिखी, तो उन्होंने खुद ही कूड़ा उठाया और डस्टबिन में डाला। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today गंदगी उठाते रघुवर दास। […]

  • पांच फेक आईडी पर 30 लाख के तत्काल टिकट बुक किए, 1.08 लाख रुपए के टिकट टीम ने जब्त किए
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 4:19 am

    रांची. रांची में तत्काल टिकट की कालाबाजारी बड़े स्तर पर हो रहा है। इसका खुलासा रविवार धुर्वा के शर्मा मार्केट में हुई छापेमारी हुआ। हटिया आरपीएफ इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह और रेलवे की क्राइम इंटेलीजेंस ब्यूरो की टीम ने सिंह मोड़ व धुर्वा मार्केट में छापेमारी की। सिंह मोड़ से दो दुकानदार शटर बंद कर फरार हो गए। धुर्वा मार्केट में कंप्यू किड्स दुकान के संचालक प्रदीप कुमार सिन्हा को टिकट के साथ अरेस्ट किया गया। एक लाख आठ हजार बुकिंग किया हुआ तत्काल टिकट बरामद हुआ। 7040 रुपए नकद भी मिले।प्रदीप के पास से 15 फेंक आईडी बरामद हुआ, जिसमें 5 फेंक आईडी से तत्काल टिकट की कालाबाजारी में 30 लाख का ट्रांजेक्शन किया गया है। यह आकड़ा और बड़ा होने बात कही गई है, क्योंकि 10 फेंक आईडी का डिटेल निकाला जा रहा है। आरपीएफ के अफसरों ने बताया कि आरोपी प्रदीप को छुड़ाने को लेकर बड़े-बड़े अधिकारी पैरवी के लिए आए थे। सभी छोड़ने का प्रेशर बना रहे थे। पर, उसे रेल मजिस्ट्रेट के पास पेश कर जेल भेज दिया गया। कालाबाजारी के आंकड़े की जांच आरपीएफ और एसआईबी टीम जांच कर रही है। मामले का खुलासा करने में आरपीएफ के एस पांडेय, बी कुमार, आर कुमार, पीके सिंह, आरके सिंह, एमएम कुमार व एसआईबी के अफसर शामिल थे।आरोपी प्रदीप ने अपने पर्सनल आईडी से एक लाख आठ हजार का तत्काल टिकट कटाया था। विभिन्न नामों से 15 फर्जी फेंक आईडी बना रखा था। प्रदीप ने बताया है कि डेढ़ साल पहले आईआरसीटीसी से लाइसेंस लिया था। रेल पुलिस ने बताया कि पर्सनल आईडी से तत्काल टिकट का लिंक सुबह 10 बजे से ही मिल जाता है। कुछ बैंक का पेमेंट क्लियर होने में समय लगता है। एचडीएफसी से तुरंत पेमेंट क्लियर होता है। आरोपी का अकाउंट भी एचडीएफसी बैंक और एसबीआई दोनों बैंक में है। इसी का फायदा आरोपी ने उठाया।5 तत्काल टिकट 5 पुराने तत्काल टिकट 2 लैपटॉप 5 मोबाइल 2 प्रिंटर 1 स्कैनर 5 पेन ड्राइव 1 वाइफाई 2 एटीएम 2 डाेंगल 18 ब्लैंक रेलवे आरक्षण फॉर्म 7040 रुपए कैश भी बरामदरेल पुलिस को पता चला है कि आरक्षण काउंटर से तत्काल टिकट की कालाबाजारी हो रही है। क्योंकि, छापेमारी में 18 सादे आरक्षण फॉर्म भी बरामद हुए हैं। दलाल काउंटर से भी तत्काल टिकट लेते हैं। इसी में फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इसमें रेलवे के कॉमर्शियल विभाग की लापरवाही हो सकती है। दक्षिण-पूर्व रेलवे के सीपीआरओ नीरज कुमार ने बताया कि फर्जी आईडी से तत्काल टिकट रोकने के लिए पुलिस काम कर रही है। आईआरसीटीसी के एजेंट गड़बड़ी करते पकड़े गए तो कड़ी कार्रवाई होगी। छापेमारी लगातार चलेगी।आरपीएफ डीजी अरुण कुमार के आदेश पर तत्काल टिकट के समय में आरपीएफ थाना को निर्देश दिया गया है कि आम पब्लिक की सुविधा के लिए तत्काल टिकट काउंटर और ई-टिकट से संबंधित निगरानी रखें। गड़बड़ी करने वाले पर छापेमारी कर कार्रवाई करें, ताकि आम पब्लिक को आसानी से तत्काल टिकट मिले। क्योंकि, छठ तक तत्काल टिकट पर दलालों की नजर रहती है। वे आरक्षण काउंटर से लेकर आईआरसीटीसी की वेबसाइट का गलत इस्तेमाल कर टिकट ले रहे हैं। पर्सनल आईडी से तत्काल टिकट ले रहे है। अगर दलालों पर अंकुश लगता है तो पर्व में ई-टिकट से लेकर काउंटर तक के टिकट आसानी से लोगों को उपलब्ध होंगे।Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today थाना में धुर्वा मार्केट से पकड़ा गया आरोपी प्रदीप कुमार सिन्हा। […]

  • अधिसूचना जारी होने के दिन 10 साल सेवा पूरी करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मी होंगे स्थाई
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 2:01 am

    अमरेंद्र कुमार,रांची.झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में वर्ष 2018 तक 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी स्थाई होंगे। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद विधि विभाग ने इसके लिए कट ऑफ डेट वर्ष 2018 (नई अधिसूचना जारी होने की तिथि) करने की सलाह दी है। विधि विभाग के इस परामर्श के बाद कार्मिक विभाग ने इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया है।मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। उम्मीद है कि सरकार झारखंड स्थापना दिवस पर 15 नवंबर को इसकी घोषणा कर सकती है। अगर उस दिन तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो 30 नवंबर 2018 का कट ऑफ डेट तय कर उसी दिन अधिसूचना जारी हो सकती है। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों को पत्र भेजा है। उसमें कहा है कि सभी प्रशासी विभाग कमेटी बनाए। यही कमेटी कॉन्ट्रैक्ट कर्मियोंं के नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 नवंबर तक इन्हें स्थाई करने को कहा है।कट ऑफ डेट 13 फरवरी 2015 करने पर विधि विभाग ने नहीं दी थी सहमति :राज्य सरकार ने 13 फरवरी 2015 को संकल्प जारी कर वर्ष 2006 तक 10 साल सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को स्थाई करने की बात कही थी। झारखंड 2000 में अलग राज्य बना था। इससे कोई भी इसके दायरे में नहीं आ रहा था।इसके बाद कार्मिक विभाग ने 13 फरवरी 2015 को कट ऑफ डेट करने का प्रस्ताव तैयार किया। इसमें कहा गया था कि सारे प्रावधान वही होंगे, जो उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के आलोक में झारखंड सरकार द्वारा 2015 में जारी सेवा नियमावली में है। इसमें कट ऑफ डेट संशोधित करते हुए 13 फरवरी 2015 करने का प्रस्ताव था। लेकिन विधि विभाग सहमत नहीं हुआ।आगे क्या : कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होगा फैसला :फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी गई है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद कार्मिक विभाग अधिसूचना का प्रारूप विधि विभाग को भेजेगा। पूछेगा कि यह प्रारूप सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर दिए गए परामर्श के अनुरूप है या नहीं। विधि विभाग की मंजूरी के बाद कार्मिक विभाग इसे वित्त विभाग को भेजेगा। वहां से सहमति मिलने के बाद यह प्रारूप कैबिनेट में जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद कार्मिक विभाग अंतिम अधिसूचना जारी करेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Contract workers completing 10 years of service will be permanent […]

  • बड़गाईं में ऑटो चालक की पिटाई के बाद सौहार्द बिगाड़ने वाले 4 ऑडियो वायरल, दो गुटों में झड़प
    by ns.support@dainikbhaskar.com (Dainik Bhaskar) on October 22, 2018 at 1:35 am

    रांची.बरियातू की बड़गाईं बस्ती में अमन पसंद लोगों और पुलिस की सूझबूझ से फिर दो गुटों में हुआ तनाव बड़ा रूप लेते-लेते रह गया। दोनों गुटों के लोग शनिवार देर शाम आपस में तब भिड़ गए, जब एक ऑटो चालक को मूर्ति विसर्जन के दौरान कुछ लोगों ने पीट दिया। हालांकि, रविवार को भी यहां का माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस की वहां बड़ी संख्या में तैनाती कर दी गई है।घटना की शुरुआत शनिवार शाम 7.30 बजे बड़गाई में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान शुरू हुई। बड़गाई में हनुमान मंदिर के पास से गुजर रहे एक ऑटो चालक कोे कुछ लोगों ने पीट दिया। ऑटो चालक के साथ मारपीट के बाद एक चेतावनी भरा ऑडियो क्षेत्र में वायरल हुआ। इसका विरोध करते हुए ऑटो चालक के पक्ष में बस्ती के एक गुट के लोग पहुंचे और विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों से भिड़ गए। झड़प भी हुई।कुछ देर बाद दोनों ओर से बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे धार्मिक नारेबाजी शुरू हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल बड़गाई बस्ती पहुंचा। डीएसपी दीपक पांडे, सदर इंस्पेक्टर दयानंद समेत पुलिस के अधिकारियों और क्षेत्र के अमन पसंद लोगों ने दोनों गुटों के लोगों को समझा-बुझा कर शांत कराया।टीपू सुल्तान सेना के हवाले से जारी हुई ऑडियो : ऑटो चालक से मारपीट के बाद टीपू सुल्तान सेना नामक संगठन के हवाले से एक ऑडियो वायरल की गई थी। कुल चार ऑडियो वायरल की गई। संबंधित ऑडियो वायरल करने के आरोपी के घर रविवार को पुलिस पहुंची। पुलिस ने उक्त ऑडियो वायरल करने के संदेही की मां का सुनाया। मां ने उसकी आवाज की पहचान की। मां का कहना था कि उसके बेटे को झांसे में लेकर ऐसा कराया गया है। पुलिस संदेही युवक की तलाश में छापेमारी कर रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Audio Viral Causes of Harmony After Beating Auto Driver […]