झारखंड प्लस टू शिक्षक नियुक्ति में 80% सीटों में दूसरे राज्य के अभ्यार्थी

देश दुनिया

2016 से ही झारखंड में शिक्षकों की नियुक्ति की बात कही जा रही थी। सरकार द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए हाई स्कूल और 10 प्लस टू स्कूल में बहाली के लिए विज्ञापन निकाला गया।

टेन प्लस टू की बहाली नियुक्ति पत्र झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा आवंटन किया गया। अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कई सवालिया खड़े हो रहे हैं। वहीं कई छात्र संघ यह मान रहे हैं कि इसमें घोटाला हुआ है।

शिक्षकों की नियुक्ति मे झारखंड राज्य से कम अभ्यर्थियों को लिया गया है। वहीं दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 75% बताई जा रही है। छात्र संघ के नेता यह भी मान रहे हैं कि इसमें झारखंड के स्थाई अभ्यर्थियों को प्राथमिकता नहीं दी गई।

परीक्षा अन्य राज्य के तर्ज पर होनी चाहिए थी। जिस तरह अन्य राज्य जैसे छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में राज्य सरकार द्वारा निकाली गई रिक्तियों के विरुद्ध केवल 10% लोगों को ही अन्य राज्य के अभ्यार्थियों के लिए आरक्षित रहता है। परंतु झारखंड में स्थानीयता और आरक्षण की अनदेखी की गई। वहीं सरकार द्वारा ठीक तरह से स्थानीय नीति और यहां के लोगों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है।

एक अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक बहाली में अनारक्षित कोटे में 75 फ़ीसदी से ज्यादा विद्यार्थी दूसरे राज्य से बाहल किए गए हैं। आपको बता दें कि 11 विषयों के लिए 617 सीटें अनारक्षित कोटे में दिखाई गई है। इसमें सफल अभ्यर्थियों के अस्थाई पता के आधार पर आंकड़े निकाले जाए तो करीब 471 अभ्यर्थी दूसरे राज्य के हैं। इसमें सबसे ज्यादा यूपी और बंगाल से है।

यूपी से 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने प्लस टू शिक्षक बहाली में अपना स्थान बनाया है। वहीं 90 से ज्यादा अभ्यर्थी बंगाल से सफल हुए हैं।

छात्र संघ क्या क्या आता है इस बारे में

वहीं भारत झारखंड के छात्र संघ का मानना है अगर इसी प्रकार से झारखंड में नियुक्तियां होती रही तो, झारखंड में झारखंड के अभ्यार्थी के लिए जगह नहीं रहेगी। सारी नियुक्तियां अगर बाहर के अभ्यर्थियों की हो रही है तो यहां के अभ्यार्थी मुख दर्शक बनकर के रह जाएंगे।

यहां के अभ्यार्थियों को नियुक्तियों में ज्यादा से ज्यादा आरक्षण दिया जाए। ताकि यहां के लोगों और अभ्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो।

AJIO [CPV] IN

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *