झारखंड फिल्म इंडस्ट्री के 23 साल पूरे हो गए हैं

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1994 में बनी फिल्म झारखंडी झारी सोना कर नागपुर पहली झारखंडी फीचर फिल्म थी आज 23 साल हो गए है।

Jollywood first movie

jollywood के नाम से जाने  जाना वाला झारखंडी फिल्म इंडस्ट्री धीरे-धीरे अपने नए मुकाम पर आगे बढ़ रहा है ।

हालांकि अभी तक झारखंड में राष्ट्रीय स्तर तक की फिल्में उतनी नहीं बन पाई है। लेकिन फिर भी झारखंड की फिल्म इंडस्ट्री ने कुछ बेहतर फिल्में भी दी है। आइए नजर डालते हैं झारखंड में बने कुछ ऐसे ही बेहतरीन फिल्में जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर या यह कह राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मेलन में इनकी बहुत ही सराहना की गई है।

  • सोना कर नागपुर 1994
  • प्रीत
  • साजन आनंदी 1999
  • गुइया नंबर वन
  • ब्लैक Iron Man बिरसा 2003
  • उलगुलान एक क्रांति 2004
  • प्यार तो होई गेलक 2006
  • प्यार कर मेहंदी 2008
  • माई कर दुलारा 2008
  • बाहा 2008
  • तोर बिना 2017

झारखंडी फिल्म इंडस्ट्री का नाम jollywood कैसे पड़ा?

1994- 95 के दौरान झारखंडी पहली फिल्म सोना कर झारखंड बनी थी. उसी दौरान रांची के रहने वाले प्रसिद्ध ड्रामा कलाकार पर आर्टिस्ट सुशील अंकन के दिमाग में यह idea आया था झारखंड सिनेमा इंडस्ट्री को कुछ नाम दिया जाए और उन्होंने इसे नाम दिया “jollywood” उनके दिमाग में या Idea ठीक उसी तरह आया जैसे की मुंबई में बनने वाली फिल्मों को हम लोग बॉलीवुड के नाम से जानते हैं ठीक उसी तरह हमारे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में बनने वाली फिल्मों को छॉलीवुड के नाम से जानते हैं. सबसे पहले अखबारों में हिंदुस्तान टाइम्स ने सत्येंद्र पाठक के लेख पर छपी पहली आर्टिकल” Jollywood Max Debut” जो 23 अप्रैल 2001 को छपी थी इस्तेमाल किया गया था. इसके बाद ही यह शब्द इतना पॉपुलर हो गया कि अब इसे झारखंडी फिल्म इंडस्ट्री का नाम दे दिया गया.

झारखंड फिल्म इंडस्ट्री को अभी भी बेहतर फिल्मों की तलाश

झारखंड को बने हुए 17 साल हो गए हैं. लेकिन झारखंड में फिल्म इंडस्ट्री की शुरुआत आज से 23 साल पहले यानी 1994 में ही शुरू हो गई थी. लेकिन अभी तक झारखंड में ऐसी कोई फिल्म नहीं बनी है. जो बड़ी बजट की हो धीरे धीरे झारखंडी फिल्म इंडस्ट्री अपनी प्रतिभाओं को और भी निखार रहा है और यहां बनने वाली फिल्म के बजट भी बढ़ते जा रहे हैं. हम उम्मीद कर सकते हैं जिस तरह से फिल्म इंडस्ट्रीज मैं नए नए प्रयोग हो रहे हैं उसके हिसाब से आने वाले कुछ ही वर्षों में झारखंडी फिल्म इंडस्ट्री भी बेहतरीन फिल्में दे सकेगी.

अगर हम लोग झारखंडी फिल्म इंडस्ट्री की तुलना अन्य रीजनल फिल्म इंडस्ट्रीज जैसे असमिया फिल्म इंडस्ट्री या फिर टालीवुड आदि से तुलना करें झारखंडी फिल्म इंडस्ट्री अभी बहुत पीछे है और इसे अभी भी प्रतिभावान लोगों की तलाश है जो झारखंड में उभर रहे फिल्म इंडस्ट्री को और आगे बढ़ा सकें.