झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर पारा शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन अपने वेतन वृद्धि को लेकर के, पुलिस द्वारा लाठीचार्ज

देश दुनिया
सरकार द्वारा पारा शिक्षकों को रोकने की रणनीति आखरी कार काम नहीं आए।पारा शिक्षकों द्वारा वेतन वृद्धि के लिए सीएम रघुवर दास को काला झंडा दिखाने की बात कही गई थी।सरकार द्वारा 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन ना करने के लिए पहले से ही सूचना दे दी गई थी।सरकार के इस आदेश को दरकिनार करते हुए पारा शिक्षक रांची बाजीगर।बताया जा रहा है कि कुल 15000 से भी अधिक संख्या में पारा शिक्षक रांची में एकत्रित हुए थे।जैसे ही सीएम रघुवर दास 15 नवंबर झारखंड दिवस के मौके पर भाषण देने के लिए स्टेज पर पहुंचेतो पारा शिक्षकों द्वारा नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।पारा शिक्षकों द्वारा अपने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कि यह विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद क्या था पूरा का पूरा पारा शिक्षकों कासम हो सीएम को काला झंडा दिखाना लगे।इसके बाद कई पारा शिक्षकों ने तो काला बैलून ले करके उसे आकाश में छोड़ा। क्या है पूरा मामला? छत्तीसगढ़ और बिहार की तर्ज पर सेवा स्थाई करण व वेतन वृद्धि की मांगों को लेकर के राज्य भर में हजारों पारा शिक्षकों ने 15 नवंबर को मोराबादी मैदान में आयोजित राज्य स्थापना दिवस के मौके पर जमा होकर के विरोध प्रदर्शन करने की ठानी। वहीं पारा शिक्षकों का यह भी मानना है कि इससे पूर्व हुई बैठकों में सरकार द्वारा पारा शिक्षकों को यह आश्वासन दिया गया था। के उनके वेतन में अन्य राज्यों की तुलना के मुताबिक 20% वृद्धि की जाएगी। लेकिन आप यह बता दे कि सरकार से हुई बैठक के बावजूद, पर शिक्षकों के वेतन में अभी तक कोई विधि नहीं हो पाई है। प्रशिक्षक इसके साथ यह भी मांग कर रहे थे कि झारखंड टेट पास अभ्यार्थियों किसको कार्ड 5 साल वैधता को बढ़ाकर 7 साल किया जाए। क्योंकि गत 4 साल में सरकार शिक्षकों की पर्याप्त बहाली करने में नाकामयाब साबित हुई है। झारखंड स्थापना दिवस पर पारा शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन पूरे राज्य भर से लगभग 15000 से भी अधिक पारा शिक्षक झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मोराबादी मैदान पर एकत्रित होना शुरू किया। जैसे ही मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा भाषण शुरू किया गया, वैसे ही पारा शिक्षकों द्वारा अपनी मांगों को पूरा नहीं होने पर भी सीएम और सरकार के विरोध विरोध प्रदर्शित करना और नारेबाजी करना शुरू कर दिया। भीड़ को अनियंत्रित होती देख कर पुलिस द्वारा बलपूर्वक कार्यक्रम स्थल से बाहर खदेड़ दिया गया। पारा शिक्षकों द्वारा इसका विरोध किया गया। इसके बावजूद पारा शिक्षक जब नहीं माने, पुलिस प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज किया गया। शिक्षकों द्वारा इसके विरोध में पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और डंडे भी चलाएं। पारा शिक्षकों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े कुल छह राउंड फायर किए गए इसके बाद भी पारा शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। पारा शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन फिर भी जारी रहा। पारा शिक्षक बीच सड़क पर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। पारा शिक्षक अलग-अलग गुट में बढ़ गए और अलग अलग तरह से विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके बाद करीब लगभग 2:00 बजे महात्मा गांधी प्रतिमा के पास हंगामा इतना ज्यादा बढ़ गया कि पुलिस को पारा शिक्षकों पर काबू करने के लिए उन पर लाठीचार्ज करना पड़ा। हालत को काबू पाने के लिए पारा शिक्षकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। इससे कई पारा शिक्षक घायल हो गए। कई पारा शिक्षकों को गंभीर चोटें भी आई है। सोशल मीडिया पर पारा शिक्षकों के ऊपर लाठीचार्ज के जाने पर लोगों ने निंदा किया। सोशल मीडिया पर पारा शिक्षकों के ऊपर किए गए लाठीचार्ज, और दौड़ा दौड़ा कर पीटे जाने का वीडियो तुरंत ही वायरल हो गया। जल्द ही लोग इसके ऊपर अपनी प्रतिक्रिया देने लगे। कई लोगों ने सरकार द्वारा इस तरह के लाठीचार्ज से सरकार पर निंदा की आपत्ति जताया। https://youtu.be/nljvPbNwif0 सोशल मीडिया पर सरकार द्वारा पारा शिक्षकों के ऊपर किए गए लाठीचार्ज पर लोगों द्वारा निंदा की गई। पारा शिक्षकों को रोकने के लिए पुलिस की तैयारी धरी की धरी रह गई। पुलिस पारा शिक्षकों को रांची पहुंचने से रोक नहीं पाई। वहीं समाचार पत्रों के माध्यम से 1 दिन पूर्व हुई यह सूचना दे दी गई थी कि झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन पारा शिक्षकों द्वारा नहीं हो पाए। इसके बावजूद पूरे झारखंड राज्य से पारा शिक्षक रांची पहुंची है। वहीं स्पेशल ब्रांच ने पुलिस प्रशासन को पहले ही अलर्ट दे दिया था कि कार्यक्रम के दौरान पारा शिक्षक सरकार का विरोध कर सकते हैं। इसके बावजूद पुलिस ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने वालों की जांच नहीं की जिसके कारण कार्यक्रम स्थल पर 12 शिक्षकों को प्रवेश करने का मौका मिल गया। ऐसे में कई लोगों ने पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा यह कहा गया कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1000 जवान और अफसर तैनात किए गए थे। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी ताकि बिना जांच के कोई भी पारा शिक्षक कार्यक्रम स्थल तक ना पहुंच पाए। हालांकि पुलिस बता रही है कि उन्होंने बुधवार की रात से लेकर के गुरुवार तक लगभग 12 शो पारा शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है। 15 नवंबर यानी झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर लगभग 312 शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस प्रशासन यूपी मानती है कि उन्हें अन्य जिलों से सहयोग नहीं मिल पाया। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा यदि काया कहा गया कि रांची एसपी ने दूसरे जिलों के पुलिस अधिकारियों से बात की थी। सुरक्षा को लेकर के एसीपी ने अनुरोध किया था कि रामगढ़ चतरा पलामू सही दूसरे राज्य से पुलिस आने वाले पारा शिक्षकों को वहीं रोक दें ताकि बड़ी संख्या में पारा शिक्षक रांची पहुंचना ना सके। परंतु फिर भी पारा शिक्षक के किसी तरह से रांची पहुंचने में कामयाब हुए। Pepperfry [CPS] IN

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