तुलसी के फायदे अनेक तुलसी सिर्फ एक पौधा ही नहीं बल्कि एक दवा भी है।

घरेलू नुस्खे

तुलसी मात्र एक पौधा ही नहीं बल्कि औषधि भी है जिसका इस्तेमाल कई प्रकार की बीमारियों में किया जाता है।

सर्दी खांसी से लेकर के कई बड़ी भयंकर बीमारियों में भी तुलसी का इस्तेमाल किया जाता है आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद माना गया है तुलसी की जड़ उसकी शाखाएं पत्ती और भी सभी का अपना अपना महत्व है। तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल चोट लगने पर किया जाता है तुलसी के पत्ते को पीसकर घाव में लगाने पर या जल्दी ही ठीक भी हो जाता है तुलसी में एंटीबैक्टीरियल तत्व भी होते हैं जो घाव को पकने नहीं देते इसके अलावा तुलसी के पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन भी कम होती है त्वचा संबंधी रोगों में भी तुलसी खासकर फायदेमंद साबित होता है। इसके इस्तेमाल से चेहरा भी साफ होता है और कील मुंहासे ठीक हो जाते हैं।

तुलसी का इस्तेमाल किन किन बीमारियों के लिए किया जाता है।

  • किडनी या पथरी की बीमारी में तुलसी की पत्तियों को उबालकर बनाया गया काढ़ा शहद के साथ नियमित 6 महीने तक सेवन करने से पथरी मूत्र के मार्ग से निकल जाती है।
  • आदिवासी अंचलों में पानी की शुद्धता के लिए तुलसी के पत्ते जल-पात्र में डाल दिए जाते हैं। इन्हें कम से कम 16 घंटे पत्तों को पानी में रखा जाता है फिर कपड़े से पानी को जान लिया जाता है और यह पानी पीने योग्य माना जाता है।
  • औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी के रस में स्थाई मूल तत्व पाया जाता है जिससे त्वचा के रोगों में लाभ होता है पातालकोट के आदिवासी हर्बल जानवरों के अनुसार तुलसी के पत्तों को त्वचा पर रगड़ दिया जाए तो त्वचा पर किसी भी तरह के संक्रमण से आराम मिलता है।
  • तुलसी दिल की बीमारी में यह वरदान साबित होती है क्योंकि या खून में कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करती है जिन्हें दिल की बीमारी हुई हो उन्हें तुलसी के रस का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए तुलसी और हल्दी के पानी का सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित रहती है और इसे कोई भी स्वास्थ्य व्यक्ति सेवन कर सकता है।
  • तुलसी के पत्तों को अच्छी तरह से पीसकर उनका रस निकालकर उसमें कुछ मात्रा नींबू का रस मिलाएं इसे रात को चेहरे पर लगाने से फोड़े फुंसियां ठीक हो जाती है और चेहरे की रंगत में निखार आता है।
  • तुलसी को थकान मिटाने वाली एक औषधि भी माना जाता है ज्यादा थकान या तनाव होने पर तुलसी के पत्तियों और मंजिलों का सेवन करें थकान दूर हो जाएगी।
  • फ्लू रोग तुलसी के पत्तों का काढ़ा सेंधा नमक मिलाकर पानी से पीने पर ठीक हो जाता है।
  • इसके नियमित सेवन से क्रोनिक माइग्रेन के निवारण में मदद मिलती है रोजाना दिन में चार से पांच बार तुलसी से 608 पतियों को चबाने से कुछ ही दिनों में माइग्रेन की समस्या खत्म हो जाती है।
  • जब भी तुलसी में खूब भूल जानी मंजूरी लग जाए तो उन्हें पकने पर तोड़ लेना चाहिए वरना तुलसी के झाड़ में चीटियां और कीड़े लग जाते हैं और उसे समाप्त कर देते हैं इन पकी हुई मंजूरियों को रख ले इनमे से काले काले बीज अलग होंगे और उसे एकत्र कर ले।
  • सांस की दुर्गंध को दूर करने में भी तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं और प्राकृतिक होने की वजह से इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है मुंह की दुर्गंध को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों को चबाने से दुर्गंध चली जाती है।

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