बल्ब का आविष्कारक थॉमस अल्वा एडीसन (Thomas Alva Edison)

विज्ञानं

थॉमस अल्वा एडिसन (Thomas Alva Edison)बहुत सारे लोगों के लिए प्रेरणा देने वाले महान वैज्ञानिक है इन्होंने बल्ब का आविष्कार एक हजार बार से भी ज्यादा असफल होने के बाद किया था।

थॉमस का जन्म मिलन ऑहियो में हुआ और यूरिन मिशिगन में वह बड़े हुए। वह सात भाई बहन थे। एडिशन और नैंसी मैथ्यू एलियट के सातवें और अंतिम पुत्र थे। उनका पैतृक परिवार डच था । जिनका पुराना समय से ही उपनाम” एडिशन “था।

जब भी जहन में थॉमस अल्वा एडिसन का नाम आता है तो सबसे पहले यही बात आती है कि शायद वह बचपन में बहुत ही ज्यादा बुद्धिमान बच्चे रहे होंगे। लेकिन ऐसा नहीं था स्कूल में युवा एडमिशन का दिमाग बहुत ही भ्रमित था और उनके शिक्षक रवेरेंट इंगले उन्हें व्याकुल कहकर बुलाते थे। वह उन बच्चों में से थे जिन्हें बहुत सारी चीजों को लेकर लिखने पढ़ने में भ्रम पैदा होता था। इसके चलते वह केवल 3 महीने ही स्कूल जा पाए थे। इसके बाद उनके माता पिता ने उन्हें घर पर ही रहकर पढ़ाना शुरू किया। एडिसन ने अपने ज्यादातर शिक्षा आरजीबी परकार स्कूल से और अधिक ऊपर यूनियन स्कूल ऑफ साइंस एंड आर्ट्स से ग्रहण किया।

एडिशन को बचपन से सुनने में तकलीफ होती थी यह सब तब से चल रहा था ,जब से बचपन में उन्हें एक तेज बुखार आया था और उससे वह उभरते समय उनके दाहिने कान में चोट आ गई थी । तभी से उन्हें सुनने में थोड़ी बहुत परेशानी होती थी । उनके कैरियर के मध्य उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में बताया कि जब वह ट्रेन में सफर कर रहे थे तभी एक केमिकल में आग लग गई जिस वजह से वह ट्रेन के बाहर फेंके गए। और उनके कान में चोट आ गई । कुछ साल बाद ही उन्होंने इस कहानी को तोड़ते हुए एक नई कहानी बनाई और कहने लगे कि जब चलती ट्रेन में कंडक्टर उनकी मदद कर रहा था, तभी अचानक उनके कान में चोट लग गई थी।

चलिए कहानी जो भी हो लेकिन, कान की बीमारी से पीड़ित होने के बाद भी अल्प मनोरंजन, निरंतर, परिश्रम, असीम धैर्य, आश्चर्यजनक स्मरण ,शक्ति और अनुपम कल्पना शक्ति द्वारा एडिशन ने इतनी सफलता पाई। वह एक अच्छे विज्ञानिक होने के साथ-साथ एक अच्छे व्यवसाई सफल उद्यमी भी थे वह हर दिन जब भी उन्हें काम के बाद समय मिलता तू अपने बच्चे समय में प्रयोग और परीक्षण में लग जाते थे। उन्होंने अपनी कल्पना शक्ति और स्मरण शक्ति का उपयोग अपने बिजनेस व्यवसाय को आगे बढ़ाने में लगाया उनकी इस टैलेंट की बलबूते उन्होंने 14 बड़ी कंपनियों की स्थापना की जिनमें जनरल इलेक्ट्रिक भी शामिल है जो आज भी दुनिया की सबसे बड़ी व्यापार करने वाली कंपनी के नाम से जानी जाती है।

थॉमस अल्वा एडीसन एक अमेरिकी आविष्कारक और बहुत ही सफल व्यापारी भी थे। उन्होंने अनेक यंत्र और युक्तियां विकसित कि जिन से संसार भर में लोगों के जीवन में भारी बदलाव आए। विद्युत बल्ब तथा सोनोग्राफी सहित उन्होंने हजारों अविष्कार किए वह भारी मात्रा में उत्पादन के सिद्धांत को व्यवहार में लाने वाले पहले अन्वेषकों में से एक थे इसके अलावा खोज करने के लिए विशाल टीम का सहारा लेने वाले से पहले आविष्कारक थे । इसीलिए उन्हें पहली औद्योगिक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने का भी श्रेय दिया जाता है।

एडीसन एक महान आविष्कारक थे उनके समय समय उन्होंने पूरे अमेरिका के 1093 पेटेंटस अपने कब्जे में कर रखे थे, और इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी में भी उनके कई सारे पेटेंट्स थे। इसी के चलते उन्हें बहुत बड़ा अविष्कारक भी कहा जाता है। उनके नाम कई अविष्कार भी उस समय काफी प्रचलित थे जिनमें इलेक्ट्रिक लाइट और पावर यूटिलिटीज साउंड रिकॉर्डर ऑफ मोशन पिक्चर भी शामिल है। जिन्होंने बड़ी तेजी से पूरी दुनिया में प्रसिद्धि पाई । एडिशन के आविष्कारों में हमें अधिकतर मास कम्युनिकेशन और टेलीकम्युनिकेशन से संबंध दिखाई देने लगता है। इसमें स्टॉक्स टिकट रिकॉर्डर करने की मशीन, इलेक्ट्रॉनिक कार के लिए बैटरी ,इलेक्ट्रिक पावर रिकॉर्डर ऑफ मोशन पिक्चर भी शामिल है।

एक हजार बार असफल होने के बाद उन्होंने बल्ब का आविष्कार किया

महान वैज्ञानिक थॉमस एडिसन बहुत ही मेहनती थे। बचपन में उन्हें यह कह कर स्कूल से निकाल दिया गया कि वह मंदबुद्धि बालक है। उसी थॉमस एडिसन ने कई महत्वपूर्ण आविष्कार किए जिसमें से ‘बिजली का बल्ब’ प्रमुख है। उन्होंने बल्ब का आविष्कार करने के लिए हजारों बार प्रयोग किए थे तब जाकर उन्हें सफलता मिली थी।

एक बार जो बल्ब बनाने के लिए प्रयोग कर रहे थे तभी एक व्यक्ति ने उनसे पूछा आपने करीब 1000 प्रयोग किए लेकिन आपके सारे प्रयोग असफल रहे हैं और आपकी मेहनत बेकार हो गई क्या आपको दुख नहीं होता?

तब एडिसन ने कहा कि,” मैं नहीं समझता कि मेरे 1000 प्रयोग असफल हुए हैं ,मेरी मेहनत बेकार नहीं गई क्योंकि मैंने एक हजार प्रयोग करके यह पता लगाया है कि इन 1000 तरीके से बल्ब नहीं बनाया जा सकता मेरा हर प्रयोग बल्ब बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है और मैं अपने प्रत्येक प्रयास के साथ एक कदम आगे बढ़ता हूं”।

कोई भी सामान्य व्यक्ति होता तो मैं जल्द ही हार मान जाता लेकिन थॉमस एडिसन ने अपने प्रयास जारी रखें और हार नहीं मानी आखिरकार एडिशन की मेहनत रंग लाई और उन्होंने बल्ब का आविष्कार किया पूरी दुनिया को रोशन कर दिया यह थॉमस एडिसन का विश्वास ही था जिसने आशा की किरण को बुझने नहीं दिया पूरी दुनिया को बल्ब के द्वारा रोशन कर दिया।

थॉमस अल्वा एडीसन के प्रेरणादायक विचार

महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन ने कई ऐसे प्रेरणादायक विचार भी हमें दिए हैं उनके यह विचार अभी भी हमें प्रेरणा और मजबूती देती है। उनके यह प्रेरणादायक विचार जो बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है नीचे दिए गए हैं।

1. “Our greatest weakness lies in giving up . The most certain way to succeed is always to try just one more time”.

” हमारा सबसे बड़ा कमजोरी हमारा हार मानना है। सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे साधारण तरीके हैं एक और बार कोशिश करना और करते रहना”

2. “Opportunity is missed by most people because it is dressed in overalls and looks like work”

” अवसर खूब सारे लोगों से छूट जाता है क्योंकि यह रहस्य से छुपा होता है और कार्य के जैसा दिखता है”

3. “I have not failed I have just found 10000 ways that wont’t work”.

“मैं असफल नहीं हुआ हूं मैंने 10000 ऐसे रास्ते ढूंढ निकाले जो काम नहीं आते और जो गलत रास्ते हैं”

4.” there is no substitute for hard work”

” मेहनत से किए गए कार्य का कोई विकल्प नहीं है”

5.” Being busy does not always mean real work. The object of all work is production of accomplishment and to either of this and their must wear forethought, system planning, Intelligence and honest purpose as well has perspiration”.

” किसी भी कार्य में व्यस्त रहना जरूरी नहीं कि हमेशा सही कार्य हो। सभी कार्यों का उद्देश्य होना चाहिए कि उससे कोई फल निकले या कार्य अच्छे से पूर्ण हो और इनके साथ साथ पूर्व विवेक किया जाना चाहिए । सही प्रणाली, सही नियोजन, बुद्धि, इमानदारी और पसीना लगा होना चाहिए”

अगर आपको थॉमस अल्वा एडीसन के यह जानकारी अच्छी लगी हो तो हमें कमेंट के साथ साथ शेयर करना ना भूलें।

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