बेरमुंडा ट्रायंगल का रहस्य क्या है?

रहस्यमय तथ्य विज्ञानं

बरमूडा ट्राएंगल अटलांटिक महासागर का एक इलाका है। जहां पर हवाई जहाज और समुद्री जहाज रस्में रूप से लापता होने की बातें कही जाती है ।आज तक इस जगह के बारे में सही सही जानकारी नहीं मिली है ।आधिकारिक रूप से बरमूडा ट्राएंगल जैसे किसी क्षेत्र का अस्तित्व ही नहीं है । पर आम धारणा के अनुसार क्षेत्र अटलांटिक महासागर में अमेरिका के दक्षिण में स्थित है ,बरमूडा ट्रायंगल के तीन बिंदु पर मोदी अमेरिका का आज का सन जुवान टापू है।

बरमूडा ट्राएंगल का प्रभाव क्षेत्र निश्चित नहीं है, कि इस की दूरी कितनी तक है और इसकी लंबाई कितनी है ।कई ऐसी दुर्घटनाएं है ,जो बरमूडा ट्रायंगल के क्षेत्र से दूर भी घटी है। जो बरमूडा ट्राएंगल के तथ्य के प्रश्न प्रभाव से जोड़ा जा कर देखा जा सकेकहा जाता है। कि बरमूडा ट्रायंगल एक ऐसा रहस्यमई स्थान है जहां पहुंचकर जहाज चाहे वह पानी जहाज या हवाई जहाज रहस्यमय रूप से गायब हो जाती है विज्ञान अभी भी इसके ऊपर शोध कर रहा है।

क्या बरमूडा ट्रायंगल में सच में रहस्यमई घटनाएं होती है

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है अमेरिका के समुद्र रक्षक विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाएं किसी अन्य क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं से ज्यादा नहीं  , क्षेत्र में वर्ष 1945 में होने वाली अमेरिकी सेना के हवाई जहाज के लापता होने की दुर्घटना को अगर छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी दुर्घटना को संतोषजनक स्पष्टीकरण उपलब्ध है।

साल 2013 में एक संस्थान वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर समुद्री यात्रा के लिए सबसे खतरनाक स्थान की लिस्ट जारी की थी जिसमें बरमूडा ट्रायंगल नहीं है यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि या क्षेत्र कोई रहस्यमई और खतरनाक क्षेत्र नहीं है।

यदि बरमूडा ट्रायंगल में होने वाली घटनाएं किसी अन्य क्षेत्रों से ज्यादा नहीं तो फिर इस क्षेत्र को रहस्यमई क्षेत्र क्यों कहा जाता है।

इसका मुख्य कारण एक तो वह लोग हैं जो अपने निजी स्वार्थ के लिए बरमूडा ट्राएंगल से जुड़ी घटना और तथ्यों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं और दूसरे वह लोग जिन्हें सनसनीखेज समाचार और कहानियों में विश्वास होता है जब तक ऐसी कहानियां और ऐसे लोग रहेंगे तब तक बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य के रूप में ही जाना जाएगा।

5 सितंबर 1945 को अमेरिकी नौसेना के ट्रॉफी दो वायुयान की दुर्घटना

इस दुर्घटना को आप बरमूडा ट्रायंगल के तथ्य की तरह शिष्य की चमक कर सकते हैं अगर यह घटना नहीं हुई होती तो शायद इस बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य जैसी कोई बात हो घटना कुछ इस तरह से कि 5 सितंबर 1945 को अमेरिकी नौसेना के पांच तारपीडो विवाह नियमित ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते हैं उन्हें 8 से 120 मील की दूरी तय करके वापस आना था जहां से उन्हें गुजारना था वह जगह बरमूडा ट्रायंगल के क्षेत्र में आती थी पांचो पायलट के उड़ान भरने के तकरीबन 1 घंटे बाद कंट्रोल रूम मुख्य पालट से संदेश प्राप्त किया कि वह कहीं खो गए हैं और उनके कंपास काम नहीं कर रहे इसके बाद मुख्य पाठ का कंट्रोल रूम संपर्क टूट गया इसके बाद कंट्रोल रूम को शाम को मुख्य पायलट का दूसरा पायलट को दिया एक संदेश मिला जिसमें वह कह रहा था हमारे वायुयान में ईंधन खत्म हो गया है सभी पायलट कूदने की तैयारी कर ले।

कंट्रोल रूम के अधिकारियों ने यह संदेश पाते ही दो पी बी एम 5:00 वायुयानों को  उनको खोज के लिए भेजा। इसके अलावा एक मेरा एक जहाज को भी खोज के लिए भेजा जाता है लेकिन कुछ देर उड़ान भरने के बाद वह भी विस्फोट हो जाता है ।कई महीने जांच करने के बाद अधिकारियों ने जो रिपोर्ट पेश की की घटना का कोई स्पष्ट कारण नहीं पता चला पायलट मार्ग से भटक गए थे।

इस घटना के बाद शुरू हुआ बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य के किस्से किसी ने कहा कौन जहाजों को एलियंस ने अगवा कर लिया तो किसी ने कहा कि बरमूडा ट्रायंगल की समुद्री सतह पर पुरानी अटलांटा सिटी बसी हुई है ,और यहां उनकी मशीने लगी हुई है ।जो आज भी काम कर रही है जो हवाई विमानों को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार है। जब तक ऐसी कहानियां रहेगी तब तक बरमूडा ट्रायंगल को रहस्य के रूप में देखा जाएगा।