विराट कोहली को खेल रत्न द्रविड़ को द्रोणाचार्य के लिए नाम की सिफारिश

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द्रोणाचार्य के लिए द्रविड़ खेल रत्न के लिए कोहली के नामों की सिफारिश

बीसीसीआई ने पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के नाम की सिफारिश प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए किया है और एक बार फिर राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान के लिए विराट कोहली को नामांकित किया है वही महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के नाम की सिफारिश ध्यानचंद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए की गई है.

प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय ने द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए द्रविड़ के नाम की पुष्टि की है विनोद राय ने कहा है कि हां हम ने विभिन्न वर्गों में सरकार को कई नामांकन भेजे हैं राहुल द्रविड़ को द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए बीसीसीआई द्वारा नॉमिनेट किया गया है इस साल द्रविड़ के मार्गदर्शन में अंडर-19 टीम ने विश्व कप जीता था जिसके कारण उनके नाम की सिफारिश इस पुरस्कार के लिए की गई है उनके मार्गदर्शन में 2016 में भी टीम फाइनल में पहुंची थी वह भारत ए टीम की भी कोच है और जूनियर तथा सीनियर क्रिकेट के बीच सेतु का काम कर रहे हैं.

इन तीनों खिलाड़ियों का भारतीय क्रिकेट में बड़ा योगदान है गावस्कर सचिन और कोहली तीनों भारत के महान क्रिकेट खिलाड़ियों में से रहे और अपने अपने युग के लीड प्लेयर रहे भी. अगर सुनील गावस्कर की बात की जाए तो 1971 में जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरू किया था तब से लेकर जब तक सन्यास नहीं लिया तब तक टीम के महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहे पहले ही सीरीज में वह वेस्टइंडीज के खिलाफ अगर कोई युवा खिलाड़ी 4 टेस्ट मैच में 774 रन बना ले 4 सेंचुरी तक जमा ले तो वह भी मामूली Khiladi तो नहीं होगा सुनील गावस्कर  ऐसा करके दिखाया था.

द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए तीसरा नाम है द्रविड़ का टीम इंडिया की दीवार कहे जाने वाले द्रविड़ हित है क्या मजाल कि कोई आसानी से उनका विकेट ले ले विकेट पर खड़ा हो गया तो समझ लीजिए गेंदबाजों की शामत आ गई विकेट के लिए तरसते थे गेंदबाज गजब का देर तक हिमेश ऑफिस दीपक से चुपचाप क्रिकेट को अलविदा कह दिया था तब फॉर्म में चल रहे थे कोई स्वार्थ नहीं टीम इंडिया को दुनिया की नंबर वन बनाने में बढ़ा योगदान कई मैचों में टीम को निश्चित हार से बचाया वहीं कई बार असंभव जीत भिलाई क्रिकेट से सन्यास लिया तो उन्हें टीम इंडिया के लिए कोई ऑफर है लेकिन उन्होंने युवा टीम को प्रशिक्षित करने का बेहतर  बड़ी चुनौती ली या उन्हें की मेहनत का फल है कि टीम इंडिया अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत पाई है.