साइकिल से आधुनिक मोटरसाइकिल तक का सफर, साइकिल का आविष्कार किसने किया?

रहस्यमय तथ्य

इंसान पहले एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए बैल गाड़ियों का इस्तेमाल करता था। धीरे-धीरे अपने यात्रा को सुगम बनाने के लिए उसने कई अविष्कार किया जिनमें से “साईकिल” एक है, आज इसका एक आधुनिक रूप “मोटरसाइकिल” है।

प्राचीन काल में मनुष्य एक स्थान से दूसरे स्थान सुगमता से जाने के लिए घोड़ा गाड़ी, बैलगाड़ी आदि का उपयोग करता रहा है। पाषाण काल में मनुष्य ने एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए पहिए का आविष्कार किया। और पहिया का अविष्कार ही मनुष्य जीवन में उसका सबसे बड़ा आविष्कार रहा है। इसने उसके जीवन को और सरल और सुगमता प्रदान की है। घोड़ागाड़ी बैलगाड़ी बनाने के बाद मनुष्य ने आसान और सरल तरीके खोजने की सोची जिसमें अत्यधिक परिश्रम ना लगे। इस तरह से उसने बिना तेल या इंधन के चलने वाली गाड़ियां बनाने की सोची। इस तरह से उसने साइकिल का आविष्कार किया।

क्या आपको पता है साइकिल का आविष्कार के बारे में नहीं पता है तो आज हम इस बारे पर चर्चा करने वाले हैं। बहुत से लोग यह जानने के इच्छुक रहते हैं कि आखिरकार साइकिल का आविष्कार किसने किया है। और आज यह साइकिल आधुनिक मोटरसाइकिल का रूप ले लिया है।

साइकिल का आविष्कार

अगर आपको लगता है कि साइकिल का अविष्कार आसान और सरल तरीके से हुआ है तो आप गलत सोच रहे हैं। क्योंकि साइकिल का इतिहास बहुत ही विवादित और गलत सूचनाओं से भरा हुआ है लेकिन साइकिल का आविष्कार बहुत ही लोकप्रिय अविष्कारों में से एक है। आप अभी के आधुनिक साईकिल और पुराने समय में अविष्कार हुए साइकिल को देखें तो आपको बहुत सी अंतर देखने को मिलेगी। अगर साइकिल के आविष्कार के इतिहास की बात करें तो आपको इतिहास में ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जिन्होंने साइकल पहला बनाने का दावा किया था। किसी भी चीज की अविष्कार की सफल कहानी के पीछे कहीं छोटी बड़ी कहानियां छुपी रहती है। साइकिल के आविष्कार के बारे में भी ऐसा ही कुछ है। तो चलिए जानते हैं साइकिल से जुड़ी कई अजीबोगरीब कहानियां।

ऐसा दावा किया जाता है कि दुनिया में पहले साइकिल का आविष्कार फ्रांस के जीन थेसन ने किया था। यह पहला यांत्रिक मशीन था जो साइकिल जैसी दिखती थी। लेकिन इसमें चार पहिए लगे हुए थे। 1816 में पहली बार दो पहिए वाली मशीन जर्मनी में बनी थी। इस मशीन को चलाने के लिए चालक को साइकिल की सीट पर बैठने के लिए पहले जमीन पर दौड़ना पड़ता था।

आज आधुनिक युग में हम लोग जिस साइकिल को चलाने के लिए उपयोग करते हैं उसका अविष्कार 1839 में स्कॉटलैंड में हुआ। आधुनिक युग में इस्तेमाल होने वाली इस साइकिल का अविष्कार स्कॉटलैंड के लोहरा कर्कपैट्रिक मैकमिलन मनसे ने किया था। यह मनुष्य इतिहास में एक बहुत ही बड़ा अविष्कार साबित हुआ। साइकिल में लगे पहिए 30 इंच आगे के और 40 इंच पीछे के थे। जिसमें चैन से जुड़े हुए पैटर्ंस नहीं है बल्कि साइकिल के पीछे वाले पहिए में एक रोड जुड़ा हुआ था जिसके साथ ब्राइडल जुड़ा हुआ करता था। इस पैडल को बारी-बारी से घुमाने पर साइकिल दौड़ने लगती है।

इस यांत्रिक मशीन या साइकिल का आविष्कार होने के बाद साइकिल में बहुत ही तरह के परिवर्तन किए गए। ताकि इसे चलाने में और आसानी हो सके। सन 1863 में Bone Shaker व्यवसायिक रूप से पहली साइकिल बाजार में लाई गई, जिसमें रबड़ के टायर नहीं लगे हुए थे तो आप इससे अंदाजा लगा ही सकते हैं कि आज के आधुनिक साइकिल की तरह यह आरामदायक तो नहीं थी। इसके बाद 1870 में Ordinary नाम से साइकिल है जिसे खासतौर पर High Wheelers साइकिल का नाम दिया गया। इसमें खास बात यह थी कि इसमें भी अगला टायर पिछला टायर के मुकाबले बड़ा था लेकिन इसमें तो अब बढ़कर टायर लगाए गए थे और इसको चीजों से बनाया गया था ।

इस तरह साइकिल में कई बदलाव किए गए ताकि यह और ज्यादा आरामदायक और बेहतर हो सके, सन 1890 में एक और साइकल बनाई गई जिसका नाम Safety Bike रखी गई। दूसरे साइकिल के मुकाबले यह साइकिल बहुत ज्यादा चलाने में आरामदायक और सुरक्षित था। इसमें स्टील का प्रयोग बहुत ही बढ़िया ढंग से किया गया था और इस साइकिल की मजबूती भी अच्छी थी। इसमें पैडल लगा हुआ था और चैन लगी हुई थी। उस समय यह साइकल बहुत ही ज्यादा प्रचलित हुई थी।

आज के आधुनिक दुनिया में कई तरह की साइकिले बन रही है जिनमें गेर वाली साईकिल से लेकर के अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग प्रकार की साइकिलें बनाई जा रही है। साइकिल से जुड़ी कई रोचक तथ्य भी है:-

  • अगर आपके पास में कार है तो आपने पार्किंग में अपनी कार जरूर लगाने की कोशिश की होगी, लेकिन साइकिल से जुड़ी ये तथ्य आपको हैरान कर देगी कि एक कार की पार्किंग की जगह आप 15 साइकिल खड़ी कर सकते हैं।
  • पूरी दुनिया में लगभग 1 अरब साइकिल है और इससे दुगनी साइक्लो की संख्या।
  • अगर रफ्तार की बात करें तो दुनिया में सबसे तेज साइकिल चलाने वाला John होवार्ड ओलंपिक साइकिलिस्ट है जिसने 250 km/h कि स्पीड से साइकिल चलाई है।
  • अगर आप हफ्ते में तीन घंटा कम से कम 30 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं तो आप दिल संबंधी बीमारियों से भी दूर रहेंगे।
  • दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल Tandam Bycycle है जो लगभग 20 मीटर लंबी है जिस पर 23 लोग बैठ सकते हैं।

चलिए यह तो आपने जान लिया कि किस प्रकार साइकिल का अविष्कार हुआ। और इसमें क्या क्या परिवर्तन किए गए ताकि इसे और सुरक्षित बनाया जा सके। मनुष्य ने इसमें अपने हिसाब से सुगमता और सरलता से चलाने लायक और दूरियों को और नजदीक बनाने के लिए इसमें और कई परिवर्तन किए और इसका रूप जो सामने आया वह है “मोटरसाइकिल” ।

मोटरसाइकिल की कहानी साइकिल के आविष्कार के साथ जुड़ी हुई है। इंसान ने सबसे पहले साइकिल का आविष्कार ही किया था जिसमें बाद में मोटर लगाकर इसे मोटरसाइकिल का रुप दिया गया।

मोटरसाइकिल का आविष्कार

भाप इंजन और साइकिल के आविष्कार से 19वीं शताब्दी के विज्ञानिकों ने जल्दी एहसास किया कि इन दो तकनीकों को मिलाकर सड़कों पर परिवहन को काफी सुधार कर सकते हैं। मोटरसाइकिल का आविष्कार साइकिल के आविष्कार के कुछ सालों बाद ही हो गया था। मोटरसाइकिल की प्रसिद्धि Pierre Michaux पेडल साइकिल आने के बाद 1880 के मध्य तक शुरू हो गई थी। लेकिन मोटरसाइकिल तकनीक में सच्चे क्रांति 1885 में हुई, जब दो जर्मन विज्ञानिकों और खोजकर्ता Gottlieb Daimler और Wilhelm Maybach ने मिलकर गैसोलीन से चलने वाली आंतरिक दहन इंजन के साथ मोटरसाइकिल बनाने में कामयाबी हासिल की। इस पहली मोटरसाइकिल का नाम ‘Diamler Reitwagen’ रखा गया। आप इसे आधुनिक मोटरसाइकिल का पहला रूप या पहला मोटरसाइकिल कह सकते हैं।

Diamler Reitwagen मोटरसाइकिल प्रीमियम आने के बाद खोजकर्ता वैज्ञानिक और इंजीनियर नए आधुनिक मोटरसाइकिल के लिए कई प्रयोग किया। और इसमें अधिक सुधार और बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराते हुए नए अत्याधुनिक मोटरसाइकिल का रूप लिया।

आज आप को देशभर दुनिया में कई तरह की मोटरसाइकिल कंपनियां देखने को मिल जाएगी। आज पूरी दुनिया में लगभग 200 मिलियन से भी अधिक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया जाता है। अगर बात करें तो सबसे ज्यादा मोटरसाइकिल का इस्तेमाल भारत में ही किया जाता है। इसके बाद चीन का स्थान आता है। भारत में लगभग 37 बिलियन मोटरसाइकिल और मोपेड का इस्तेमाल होता है। वहीं दूसरे नंबर पर चीन पर लगभग 34 मिलियन मोटरसाइकिल और मोपेड का इस्तेमाल किया जाता है।

जापानी कंपनी Honda जो दुनिया की सबसे बड़ी मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी है। सन 1958 ने honda सुपर क्यूब बाइक का निर्माण करना शुरू किया, और इसने सन 2008 तक लगभग 60 मिलियन बाइक्स बनाई। आज इस क्षेत्र में ज्यादातर भारतीय कंपनियों का बोलबाला है जहा हीरो मोटर कॉर्प दुनिया की सबसे बड़ी दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी है। इस कंपनी की सबसे लोकप्रिय बाइक Splendor मॉडल है जिसे दुनिया भर में 8.5 मिलियन लोगों ने खरीदा है।

दोस्तों यह थी साइकिल से मोटरसाइकिल तक का हमारा सफर, आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं। आप हमारे साथ अपनी जानकारियां भी शेयर कर सकते हैं।

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