Facebook आपके डेटा का इस्तेमाल अन्य कामों में भी कर रहा है कैसे?

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सोशल नेटवर्किंग साइट Facebook आज दुनिया भर में कई लोग इस्तेमाल कर रहे हैं चाहे वह बच्चे हो या बूढ़े या फिर जवान। दोस्त रिश्तेदार के अलावा आप अपने पुराने दोस्तों स्कूल के दोस्तों से मिलने के लिए या फिर जुड़ने के लिए आप Facebook का इस्तेमाल करते हैं।

लेकिन आप Facebook की डरावनी कहानी सामने आ रही है खुलासा हुआ है कि Facebook पर हमारी निजी जानकारियां लीक हो रही है इस बात के सामने आने पर पूरे देश में यहां के पूरे विदेश में भी हंगामा बरपा हुआ है देश में दो बड़ी पार्टियों BJP और कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप लगा रही है Facebook के भारत में 25 करोड़ से ज्यादा यूजर है ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि Facebook के सहारे इस देश की राजनीति को किस प्रकार प्रभावित किया जा सकता है।

मामला है Facebook से जुड़ी जानकारी चुराने का

डाटा चोरी की कहानी इतनी जटिल है, कि आप लोगों को मुश्किल है समझ नहीं आ रही है। आपको आसान भाषा में समझाने की कोशिश करते हैं की Facebook ने आपके साथ क्या कर दिया ,और कैसे लोगों की जानकारी चोरी करके अमेरिका में ट्रंप को चुनाव जितवा दिया गया। जैसे ही कोई बंदा फेसबुक पर अपना अकाउंट खोलता है । वैसे ही शुरू हो जाता है डेटा इकट्ठा करने का खेल जब आप साइन अप के लिए अपना ईमेल ID डालते हैं, डेट ऑफ बर्थ डालते हैं, x जेंडर डालते हैं जैसे-जैसे आप बाकी जानकारियां डाल दे जाते हैं ,और इसके बाद आपको Facebook में लॉगिन करने की इजाजत मिलती है। यहां पर आपने अपनी सारी जानकारियां Facebook दे दी है ,और लॉग इन करने से पहले कि आप खुद से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण जानकारियां Facebook को दे चुके होते हैं।

इसके बाद आपसे आपकी कांटेक्ट डिटेल मांगी जाती है ।जिसके पीछे हवाले यह दिया जाता है कि इसके जरिए आपको आपके दोस्त से जोड़ा जाए अगर आप बिना डिटेल भी आगे बढ़ते हैं तो Facebook आपको याद भी दिलाता है, कि Facebook दोस्तों के बिना बेकार है । अगले स्टेज पर आते ही Facebook आपसे आपकी फोटो मांगता है, आप की जानकारी कट्टा करने का सिलसिला इसके बाद भी चलता रहता है।

इसके अलावा आपके ग्रुप में शामिल हुए। किन ग्रुप्स को आपने इग्नोर किया आपने किन परिजनों को लाइक किया सिर्फ इतना ही नहीं किसी के अकाउंट पर क्लिक करते हैं ,कि उसकी टैगलाइन के अलावा एक अबाउट भी ऑप्शन आ जाता है, इसके अबाउट के ऑप्शन में आप कहां काम करते हैं ?आपने कहां से पढ़ाई की है ?आप किस शहर में रहते हैं? आपका होम टाउन क्या है? जैसे तमाम जानकारियां मिल जाती है ? मामला सिर्फ यहीं तक नहीं रुकता आप कौन सी भाषा जानते हैं ?आपकी धार्मिक विचार क्या है? आप के राजनीतिक विचार क्या है? आपकी परिवारिक कि क्या है ?आपके परिवार में कौन-कौन है? आप कौन सा खेल पसंद करते हैं ?आपको कौन सा म्यूजिक पसंद है? आपकी TV प्रोग्राम क्या है यह सब जानकारियां भी Facebook अपने पास स्टोर कर लेता है।

अब सवाल ये उठता है कि हमारे निजी डाटा का Facebook क्या करता है ,और कैसे हुआ इसका गलत इस्तेमालइस। वादे के साथ Facebook इस डेटा को अपने विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल करता है, कि इसे किसी और के साथ साझा नहीं करेगी । लेकिन पिछले कई सालों से एक बड़ा खेल देख लो पीछे दरवाजे से खेला जा रहा है। बहुत से एप्लीकेशन को Facebook में ऐसे रोचक और मजेदार बनाने के लिए अपने प्लेटफार्म पर जगह दी है, दुनिया के बाकी लोगों की तरह भारत में कई लोगों ने इस एप्लीकेशन पर गेम्स खेलें ,मजाक भरी तस्वीरें और पोस्ट बनाएं लेकिन इसी बहाने सब में इन एप्लीकेशन को भी अपने डेटा के इस्तेमाल की इजाजत दे दी। मुझे तो Facebook में बहुत ज्यादा एप्लीकेशन है जिसका इस्तेमाल आपने भी किया होगा। जैसे कुछ एप्लीकेशंस है आप बूढ़े होने पर कैसे दिखाई देंगे?, आपका सबसे अच्छा दोस्त कौन है,? आपकी शादी किससे होने वाली है?, ऐसी कुछ एप्लीकेशन….

अब जरा सोचि कि कैंब्रिज एनालिटिका को यह पता है, कितने लोगों ने नरेंद्र मोदी का पेज 1 महीने में लाइक किया । कितनों ने अन लाइक किया, उसे यह भी पता है कि राहुल गांधी के समर्थन वाले पोस्ट पर कितने लाइक आ रहे हैं ,और पहले कितने लाइक आते थे। कंपनी को यह भी पता है कि किस शहर में किस पार्टी के प्रतिरूप क्या है ,और कितने शख्स किस पार्टी के लिए कट्टर है। यह कितने हवा के साथ चलते हैं। यह सारा डाटा इन कंपनियों के पास इकट्ठा हो जाता है। इस हिसाब से पार्टी अपनी रणनीति तैयार करती है। सिर्फ इतना ही नहीं इन कंपनियों के पास हर व्यक्ति की एक पर्सनैलिटी प्रोफाइल तैयार हो जाती है वह भी ईमेल और फोन नंबर के सा ऐसे में चुनाव से पहले असमंजस में पड़े लोग को किसी खास पार्टी से जुड़े संदेश फूल और ईमेल के जरिए भेजे जा सकता है यानी कंपनी Facebook इस्तेमाल करने वालों के विचार को प्रभावित करने की ताकत रखती है बताया जा रहा है कि इसी के सहारे अमेरिका में ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव तक जितवा दिया गया और यही चीज Facebook को सबसे खतरनाक बनाती है।