Xiaomi इतने सस्ते फ़ोन कैसे बनाती है? कैसे इसने दिग्गज कंपनी Nokia और Micromax को।पछाड़ा

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तीन साल पहले जब चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी भारत में आयी थी तब लोग इसका ठीक से नाम भी नहीं ले पाते थे लेकिन यही कंपनी आज भारत में सबसे बड़ी कंपनी बन गयी है। शाओमी ने रेडमी नोट 4 को 2017 में लांच करके और सबसे ज्यादा फोन बेच कर भारत की सबसे बड़ी कंपनी बन गयी और सैमसंग को भी पीछे छोड़ दिया है।

शाओमी के आने से पहले सैमसंग और नोकिआ जैसे स्मार्टफ़ोन्स बनाने वाली कम्पनिओ का दबदबा रहता है लेकिन धीरे धीरे भारतीय स्मार्टफोन निर्माता कंपनी माक्रोमक्स का भी बाजार बनने लगा और अपने सस्ते स्मार्टफोन के कारण चर्चा में रही, लेकिन शाओमी के आने के बाद इन सभी कम्पनिओ का बाजार पर प्रभाव धीरे धीरे कम होता गया और आज माक्रोमक्स शाओमी के आगे कुछ भी नहीं।

शाओमी के सफल होने और सस्ते फ़ोन्स बेचने के सभी कारण क्या है ?आज हम इसमें आपको बताने वाला हूँ।

1. फ़ोन्स को केवल ऑनलाइन बेचना – शाओमी अपने फ़ोन को सिर्फ ऑनलाइन बेचना पसंद करती है और ये इनकी एक तरह की पॉलिसी भी बन गयी है। ऑफलाइन बेचने पर दुकानदारों को 800 से 1000 रूपये देने पड़ते है जो कंपनी बचा लेती है। दूसरी ऒर कम फोन बनती है और कम सेल में रखती जिससे इनके फोन का डिमांड ज्यादा हो जाता है,और मार्किट पर प्रभाव बना रहता है।

2. कोई भी प्रचार न करना – शाओमी दूसरे कम्पनिओ जैसे ओप्पो वीवो की तरह अपने पैसे प्रचार और ब्रांड अम्बेसडर पर खर्च नहीं करती है। यह कम्पनी अपनी ऐसे प्लान बनाती जो इसके यूजर ही खुद इसके ब्रांडअंबेस्डर बन जाते है, जैसे मार्च 2016 में Mi Community पर सबसे जयादा सक्रिय रहने वाले 100 यूजर को रेडमी नोट 3 बीटा टेस्टिंग के तौर पर मुफ्त में दे दिया था। जिसकी वजह से सोशल मिडिया पर कंपनी को 300,000 लोगो की व्यस्तता मिली जिससे कंपनी को बहुत ज्यादा फायदा हुआ।

3. ऑनलाइन कम्पनिओ से समझौता करना – शाओमी बड़ी ई-कॉमर्स कम्पनियो जैसे अमेज़नफ्लिपकार्ट से साझेदारी किया। जो इनको अपने फ़ोन्स को उपलब्ध कराने में काफी सहायता मिलती है। इसके आलावा कमपनी मी स्टोर पर ऍप्लिकेशन्स, गेम्स और थीम्स को बेचती है जिससे इसको काफी जयादा मुनाफा होता है। 2013 के एक रेवेन्यू रिपोर्ट के मुताबिक शाओमी हर महीने 4.9 मिलियन डॉलर कमाती है इन सभी को बेच कर।

4. जरुरी पार्ट्स बनाने वाले कंपनियो से समझौता – शाओमी अब अपने खुद के प्रोसेसर बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है लेकिन इसके पहले से ही वह क्वालकॉम से समझौता कर चुकी है जिससे क्वालकॉम उसके फोन में अच्छे प्रोसेसर देती रहती है। इसी समझौते से शाओमी को प्रोसेसर के मामले में कम लागत आती है।

5. शाओमी के इन प्लान्स और तरीको से उसको काफी हद तक फोन बनाने में लागत में कमी आती है और शाओमी सीधे सीधे अपने सस्ते फोन्स लांच करता है जिसमे कम बजट में अच्छी क्वालिटी मिलती है और इसी वजह से इसके फोन ज्यादा बिकते है और ये कंपनी आज भारत में नंबर 1 पर है।

दोस्तों आप हमें कमेंट में बताओ की क्या आप शाओमी को पसंद करते है? क्या शाओमी सैमसंग से अच्छा है? क्या इसके फोन में आपको अच्छा सॉफ्टवेयर मिलता है? अगर आप भी सस्ते फोन का समर्थन करते है तो एक बार लाइक का बटन जरूर दबायें।